जम्मू: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज जम्मू के प्रवास के दौरान जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति का गहन विश्लेषण करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, थल सेनाध्यक्ष, केंद्रीय गृह सचिव और खुफिया ब्यूरो (IB) के निदेशक सहित देश की सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए कहा कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर को पूर्णतः आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सीमा पार से पोषित आतंकी बुनियादी ढांचे (Eco-system) को सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों ने लगभग ध्वस्त कर दिया है। बैठक में भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा तंत्र में आधुनिक और ‘इनोवेटिव’ उपायों को लागू करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
युवाओं के लिए विजन: बैठक का एक प्रमुख केंद्र बिंदु ‘डी-रेडिकलाइजेशन’ (कट्टरपंथ मुक्ति) रहा। श्री अमित शाह ने कहा कि इस दिशा में मिली सफलता को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए खेल गतिविधियों और ‘स्टार्ट-अप’ इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब युवाओं के पास आय अर्जित करने के बेहतर अवसर होंगे, तो वे राष्ट्र निर्माण की ओर स्वतः अग्रसर होंगे। गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि जम्मू-कश्मीर में शांति और समृद्धि के इस मिशन के लिए केंद्र सरकार हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी।