नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास पर 9वें ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) कार्यक्रम के तहत देश भर के छात्रों के साथ एक अनौपचारिक और प्रेरक संवाद किया। प्रधानमंत्री ने छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त रहने और जीवन में एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।
मुख्य बिंदु:
- अपनी शैली पहचानें: पीएम ने कहा कि हर छात्र की सीखने की गति और तरीका अलग होता है। दूसरों की नकल करने के बजाय अपनी पद्धति पर भरोसा करें।
- शिक्षा बनाम अंक: प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। उन्होंने ‘एग्जाम वॉरियर’ का मंत्र दोहराया कि लक्ष्य पहुंच के भीतर होने चाहिए, लेकिन इतने आसान भी नहीं कि चुनौती न लगे।
- कौशल विकास: उन्होंने शिक्षा और कौशल को “जुड़वां भाई-बहन” बताया। पीएम के अनुसार, किताबी ज्ञान नींव है, लेकिन अभ्यास ही व्यक्ति को कुशल बनाता है।
- तकनीक का उपयोग: एआई (AI) पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसे केवल शॉर्टकट के लिए नहीं, बल्कि अपनी बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के साधन के रूप में उपयोग करें।
- विकसित भारत 2047: प्रधानमंत्री ने युवाओं को याद दिलाया कि वे 2047 के विकसित भारत के कर्णधार हैं। उन्होंने ‘स्वदेशी अपनाने’ और ‘स्वच्छता’ को नागरिक कर्तव्य के रूप में पालन करने का आग्रह किया।