नई दिल्ली/डोडा: देश में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते बर्फबारी और हिमस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार शाम भद्रवाह-पठानकोट हाईवे पर भारी हिमस्खलन हुआ, जिससे दर्जनों गाड़ियां फंस गईं। राहत की बात यह है कि कोई हताहत नहीं हुआ है।
मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप: फरवरी के महीने में ही राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 35°C के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में पारा 30°C को पार कर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 फरवरी से एक नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिससे राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में बूंदाबांदी के आसार हैं, जबकि दिल्ली-NCR में प्रदूषण (AQI) अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में बना हुआ है।
पहाड़ों पर हाड़ कंपाने वाली ठंड: उत्तराखंड के मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान -25°C दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में सबसे कम है। गंगोत्री में पारा -20°C और बद्रीनाथ में -16°C तक गिर गया है। 17 फरवरी से उत्तराखंड, हिमाचल और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।