सोमवार, 23 फरवरी को शेयर बाजार खुलते ही IDFC फर्स्ट बैंक के निवेशकों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। बैंक के शेयरों में 10% की भारी गिरावट के साथ लोअर सर्किट लग गया, जिससे भाव गिरकर 75.16 रुपये पर आ गया है। इस भारी गिरावट का मुख्य कारण बैंक द्वारा BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) को दी गई वह जानकारी है, जिसमें चंडीगढ़ की एक शाखा में लगभग 590 करोड़ रुपये के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया है।
बैंक के अनुसार, यह धोखाधड़ी हरियाणा सरकार के कुछ विशिष्ट खातों के साथ हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गड़बड़ी चंडीगढ़ की एक विशेष शाखा तक सीमित है। वर्तमान में बैंक उन सभी प्रभावित खातों के मिलान (Reconciliation) की प्रक्रिया में जुटा है ताकि नुकसान के सटीक आंकड़े स्पष्ट हो सकें। बैंक प्रबंधन अब यह जांच कर रहा है कि यह वित्तीय अनियमितता आखिर कितने समय से जारी थी।