भारतीय नौसेना ‘आत्मनिर्भर भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। आगामी 27 फरवरी को चेन्नई पोर्ट पर आयोजित एक भव्य समारोह में स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW) शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ को आधिकारिक रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की उपस्थिति में होने वाला यह कमीशनिंग कार्यक्रम भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
समुद्री चुनौतियों और दुश्मन की पनडुब्बियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह युद्धपोत रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह इस श्रृंखला का चौथा उन्नत प्लेटफॉर्म है; इससे पहले आईएनएस अर्णाला, अंद्रोत्त और माहे पहले ही सेवा में आ चुके हैं। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित यह पोत तटीय जल में दुश्मन की मौजूदगी को बेअसर करने के लिए पूरी तरह तैयार है।