उज्जैन: मंगलवार को अवंतिका नगरी में विकास का नया अध्याय लिखा गया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर उज्जैन के गौरवशाली भविष्य के लिए 662 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इन योजनाओं में सिंहस्थ-2028 की तैयारियाँ, नगर विकास योजनाएँ और विशेष रूप से त्रिवेणी विहार में बनने वाला ‘गीता भवन’ शामिल है।
राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि ये निर्माण कार्य केवल कंक्रीट के ढांचे नहीं, बल्कि उज्जैन के सांस्कृतिक अभ्युदय का शंखनाद हैं। उन्होंने ₹77.14 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘गीता भवन’ को नई पीढ़ी में नैतिक मूल्यों के बीजारोपण के लिए एक दूरदर्शी कदम बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 को सनातन संस्कृति का वैश्विक समागम बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस महापर्व के लिए ₹13,851 करोड़ के कार्यों की ऐतिहासिक स्वीकृति दे चुकी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पशुपालन में 25% दुग्ध उत्पादन वृद्धि और किसानों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों का भी उल्लेख किया।