भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर में नवनिर्मित ‘सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अत्याधुनिक केंद्र दोनों देशों के नागरिकों को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को एक नए मुकाम पर ले जाएगा। राजदूत ने शनिवार को भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ इस उद्घाटन समारोह में शिरकत की।
समारोह के उपरांत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए राजदूत सर्जियो गोर ने लिखा कि अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो की गरिमामयी उपस्थिति में इस नई इमारत का उद्घाटन होना उनके लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि इस नए भवन से मुख्य रूप से नई दिल्ली स्थित प्रबंधन और कांसुलर विभागों का संचालन किया जाएगा। यह आधुनिक बुनियादी ढांचा दोनों देशों के नागरिकों के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है और द्विपक्षीय संबंधों के स्थायी प्रभाव को दर्शाता है।
अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान विदेश सचिव रुबियो ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-अमेरिका के बीच जारी प्रगतिशील सहयोग से पीएम मोदी को अवगत कराया। इसके साथ ही, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को शीघ्र ही व्हाइट हाउस आने का औपचारिक निमंत्रण भी सौंपा।
दूतावास के नए भवन के उद्घाटन से पूर्व मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश सचिव मार्को रुबियो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच के प्रगाढ़ व्यक्तिगत संबंध दोनों लोकतांत्रिक देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा दे रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ यह जुड़ाव उनके दूसरे कार्यकाल में भी पूरी शिद्दत के साथ जारी है। दोनों ही नेता दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर दोनों देशों के नीतिगत फैसलों पर दिख रहा है।
रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और वाणिज्यिक मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो अक्सर मुख्यधारा की खबरों में नहीं आ पाती। भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी बाजार में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है, जिससे व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिली है। इसके अलावा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से दोनों देशों की सुरक्षा भागीदारी लगातार सुदृढ़ हो रही है। इस मजबूत साझेदारी को प्रशासनिक स्तर पर सहयोग देने के लिए एक सुरक्षित कांसुलर व्यवस्था आवश्यक है, जिसके तहत व्यापारिक पेशेवरों की सुविधा के लिए ‘अमेरिका फर्स्ट’ वीजा शेड्यूलिंग टूल की शुरुआत की जा रही है।
अपने वक्तव्य के समापन पर अमेरिकी विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित कर एक नई दिशा प्रदान करना है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी महीनों में दोनों देशों के साझा विकास और रणनीतिक सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण और दूरगामी घोषणाएं की जा सकती हैं।