वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से जम्मू-कश्मीर के शोपियन और पुलवामा जिलों से प्रीमियम अरेको चेरी तथा सेंटरोज़ प्लम की पहली व्यावसायिक खेप सिंगापुर पहुंच गई है। इस निर्यात खेप को 16 जुलाई 2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर के बागवानी क्षेत्र को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाना है।
संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी और दुबई में कश्मीरी चेरी और प्लम की सफल आपूर्ति के बाद यह दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार है, जहां राज्य के शीतोष्ण (टेम्परेट) फलों ने अपनी जगह बनाई है। अपनी अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियों के कारण जम्मू-कश्मीर उत्कृष्ट स्वाद, विशिष्ट बनावट और अधिक टिकाऊपन वाले उच्च गुणवत्ता के फल पैदा करने के लिए जाना जाता है।
इस विशेष निर्यात प्रक्रिया को संपन्न करने के लिए एपीडा ने मेसर्स ओसुम फूड सॉल्यूशंस एलएलपी और पुलवामा स्थित मेसर्स फ्रूट मास्टर एग्रो फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की। सिंगापुर भेजे जाने वाले फलों की ताजगी और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक तरीकों से तुड़ाई, ग्रेडिंग और पैकिंग की गई। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पौध स्वच्छता मानकों का पालन करते हुए एक आधुनिक कोल्ड चेन प्रणाली के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
वित्तीय दृष्टिकोण से यह पहल स्थानीय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अनुमान है कि पारंपरिक विपणन माध्यमों की तुलना में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधे निर्यात से उत्पादकों को 50 प्रतिशत से अधिक का बेहतर रिटर्न प्राप्त होगा।
इस कदम से राज्य में निर्यात-उन्मुख उत्पादन, वैज्ञानिक कृषि तकनीकों के प्रयोग और कटाई-पश्चात बेहतर प्रबंधन (पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट) को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे फसल की बर्बादी में कमी आएगी, मूल्य प्राप्ति में वृद्धि होगी और जम्मू-कश्मीर के फल उत्पादक समुदायों के लिए दीर्घकालिक व टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा होंगे।