मालदीव के विदेश मंत्रालय में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान भारत और मालदीव के बीच 42 द्वीपों में फिटनेस और मनोरंजन केंद्र स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए गए। भारत की अनुदान सहायता योजना ‘हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स’ (एचआईसीडीपी) के अंतर्गत होने वाले इस करार के तहत इन द्वीपों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मौके पर मालदीव के विदेश मंत्री इरुथिशाम आदम और खेल मंत्री अब्दुल्ला रफीउ ने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस समझौते पर मालदीव सरकार की ओर से विदेश मंत्री इरुथिशाम आदम, परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी की ओर से खेल मंत्री अब्दुल्ला रफीउ और भारत की तरफ से मालदीव में भारतीय उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यम ने दस्तखत किए। मालदीव के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच लगातार प्रगाढ़ हो रहे संबंधों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विदेश मंत्री इरुथिशाम आदम ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि द्वीपों पर फिटनेस उपकरणों की आपूर्ति वहां के नागरिकों के स्वास्थ्य और समग्र कल्याण में एक बड़ा निवेश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सुविधा से स्थानीय लोगों को सक्रिय और सेहतमंद दिनचर्या अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, महिलाओं और बालिकाओं के लिए खेल व फिटनेस सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी, जिससे उनके सशक्तिकरण और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
युवा सशक्तीकरण, खेल एवं फिटनेस मंत्री अब्दुल्ला रफीउ ने कहा कि ये केंद्र केवल व्यायाम के स्थान न होकर सामुदायिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे। यहां लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ आपस में जुड़ाव महसूस कर सकेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस परियोजना से हर आयु वर्ग के नागरिकों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने के नए अवसर मिलेंगे, जो अंततः मजबूत और सक्षम समुदायों के निर्माण में मददगार होगा।
दोनों मंत्रियों ने भारत द्वारा दी जा रही इस सहायता को मालदीव के लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम बताया। विदेश मंत्री इरुथिशाम ने भारत सरकार, भारतीय जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के प्रति विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने में प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और विदेश मंत्री का सहयोग सराहनीय रहा है। साथ ही, उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यम और उनकी टीम के प्रयासों की भी प्रशंसा की।