रूस और यूक्रेन युद्ध के चलते यूरोपीय संघ द्वारा जारी नई दंडात्मक सूची में रूसी नागरिक अर्काडी द्वोरकोविच का नाम शामिल होने के बाद, पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के अंतरिम अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया है। यूरोपीय संघ के इस 21वें प्रतिबंध पैकेज के सार्वजनिक होने के तुरंत बाद द्वोरकोविच ने संगठन के कामकाज में किसी भी रुकावट से बचने के लिए अपने पद की शक्तियों को निलंबित कर दिया, जिसके बाद फिडे के नियमों के अनुसार उपाध्यक्ष आनंद को यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई।
यूरोपीय संघ का यह नया प्रतिबंध पैकेज अब तक का सबसे व्यापक कदम माना जा रहा है, जिसमें 48 नागरिकों और 170 विभिन्न निकायों सहित कुल 218 नए नाम शामिल किए गए हैं। इन नियमों के प्रभावी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा सकती है, और उन्हें किसी भी प्रकार के वित्तीय लेनदेन या आर्थिक सहायता प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित व्यक्तियों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर भी कड़े प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्काडी द्वोरकोविच ने यूरोपीय संघ के निर्णय को पूरी तरह से अवैध और आधारहीन बताया। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ सभी कानूनी विकल्पों का सहारा लेंगे और अदालत के माध्यम से अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। हालांकि, उन्होंने यह दूरदर्शिता भी दिखाई कि जब तक स्विट्जरलैंड और ईयू के नियमों के तहत यह कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक उनका पद पर बने रहना फिडे की निष्पक्षता और सुचारू संचालन को प्रभावित कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्वेच्छा से पीछे हटने का कदम उठाया।
फिडे के विधान में यह स्पष्ट उल्लेख है कि ऐसी किसी भी असाधारण स्थिति में उपाध्यक्ष ही अध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन करेगा। इसी नियम के आधार पर वर्ष 2022 से फिडे के उपाध्यक्ष पद पर कार्य कर रहे विश्वनाथन आनंद को यह नई जिम्मेदारी दी गई है। फिडे काउंसिल ने भी इस व्यवस्था को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है और स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध की अवधि के दौरान पूर्व अध्यक्ष का संगठन के संसाधनों या प्रशासनिक निर्णयों पर कोई अधिकार नहीं रहेगा।
विश्वनाथन आनंद का फिडे के शीर्ष पद पर आना भारतीय और वैश्विक शतरंज इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। भारत में इस खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले आनंद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्कृष्ट खेल और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इस संकट के समय में वैश्विक शतरंज समुदाय को प्रशासनिक स्थिरता प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया है।
गौरतलब है कि फिडे का अगला अध्यक्षीय चुनाव सितंबर में उज्बेकिस्तान में प्रस्तावित 46वें शतरंज ओलंपियाड की जनरल असेंबली के दौरान होना तय है। द्वोरकोविच ने हाल ही में लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की मंशा जताई थी, जबकि विश्वनाथन आनंद ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे केवल उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी होंगे। कजाकिस्तान शतरंज संघ के प्रमुख तिमुर तुरलोव की अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी के बाद, आने वाले महीनों में वैश्विक शतरंज संस्था के भावी नेतृत्व को लेकर नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।संस्करण 1