भारत और जीसीसी के बीच सहयोग व मुक्त व्यापार समझौते पर उच्चस्तरीय वार्ता, द्विपक्षीय संबंधों को गति देने पर सहमति

भारत और जीसीसी के बीच सहयोग व मुक्त व्यापार समझौते पर उच्चस्तरीय वार्ता, द्विपक्षीय संबंधों को गति देने पर सहमति

सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी के बीच एक अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी साझेदारी को सशक्त करने और भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में प्रगति पर व्यापक चर्चा की।

रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत विपुल और जीसीसी महासचिव के बीच हुई इस बैठक का मुख्य केंद्र भारत-जीसीसी सहयोग का विस्तार, एफटीए वार्ताओं को आगे बढ़ाना और उच्च स्तरीय संपर्कों को मजबूती प्रदान करना रहा। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हित से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष फरवरी में भारत और जीसीसी ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के प्रारूप और वार्ता प्रक्रिया की रूपरेखा तय करने के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए थे। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में भारत के मुख्य वार्ताकार व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू तथा जीसीसी सचिवालय के मुख्य वार्ताकार राजा अल मरजूकी ने इस दस्तावेज पर दस्तखत किए थे।

इससे पहले पिछले वर्ष सितंबर में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित दो दिवसीय भारत-जीसीसी राजनीतिक संवाद के दौरान संयुक्त कार्य योजना (2024-2028) को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई थी। इसके अंतर्गत व्यापार, निवेश, सुरक्षा, ऊर्जा, परिवहन, कृषि, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और राजनीतिक संवाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का खाका खींचा गया था।

वर्ष 1981 में रियाद समझौते के तहत गठित छह सदस्यीय खाड़ी सहयोग परिषद—जिसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई शामिल हैं—के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से प्रगाढ़ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस क्षेत्र में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीय नागरिक दोनों पक्षों के रिश्तों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। वहीं आर्थिक मोर्चे पर भी वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों पक्षों के बीच लगभग 178 अरब अमेरिकी डॉलर का कुल द्विपक्षीय व्यापार दर्ज किया गया।

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