दिग्गज टेक कंपनी Apple ने भारतीय डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी सेवा ‘Apple Pay’ की शुरुआत कर दी है। इसके लिए कंपनी ने निजी क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता Axis Bank के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के साथ ही Axis Bank देश का ऐसा पहला बैंक बन गया है, जो अपने खाताधारकों को यह नई भुगतान प्रणाली उपलब्ध करा रहा है।
शुरुआती चरण के तहत यह सुविधा केवल उन्हीं Axis Bank ग्राहकों को मिलेगी, जिनके पास Visa अथवा Mastercard नेटवर्क पर आधारित क्रेडिट कार्ड हैं। वहीं, भारत के घरेलू भुगतान नेटवर्क RuPay से जुड़े कार्डधारक फिलहाल इस सेवा का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
Apple Pay एवं Apple Wallet की उपाध्यक्ष जेनिफर बेली ने इस कदम पर कहा कि भारत में उपभोक्ता बहुत तेजी से नकदी रहित और डिजिटल लेनदेन को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। इसके साथ ही वे भुगतान प्रक्रिया में उच्चतम स्तर की गोपनीयता और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने भारत में इस सेवा को पेश करने पर कंपनी की ओर से प्रसन्नता जाहिर की।
आंकड़ों के नजरिए से देखें तो अगस्त तक देश भर में कुल क्रेडिट कार्ड्स की तादाद लगभग 12.4 करोड़ दर्ज की गई थी, जिसमें से अकेले Axis Bank की हिस्सेदारी करीब 1.63 करोड़ कार्ड्स की थी। भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल ट्रांजेक्शन बाजारों में गिना जाता है और अब तक यह उन चुनिंदा बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था जहां Apple Pay की पहुंच नहीं थी, लिहाजा कंपनी के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
Apple ने इस सेवा के विस्तार के उद्देश्य से देश के दो अन्य बड़े निजी बैंकों—HDFC Bank और ICICI Bank—के साथ भी विचार-विमर्श किया था। हालांकि, दोनों ही वित्तीय संस्थानों के साथ वाणिज्यिक शर्तों को लेकर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
वर्तमान में भारतीय डिजिटल भुगतान परिदृश्य पर Unified Payments Interface (UPI) का सबसे मजबूत प्रभाव है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के समग्र डिजिटल भुगतानों में UPI का योगदान 84 फीसदी तक पहुंच चुका है। लेन-देन की कुल संख्या के लिहाज से UPI विश्व का सबसे बड़ा रिटेल फास्ट-पेमेंट सिस्टम बनकर उभरा है।
भुगतान प्रक्रिया के संबंध में Axis Bank ने स्पष्ट किया है कि ग्राहक अपने पात्र क्रेडिट कार्ड को बैंक के मोबाइल एप्लिकेशन या सीधे Apple Wallet के जरिए जोड़ सकते हैं। एक बार लिंक होने के बाद उपभोक्ता अपने iPhone, Apple Watch अथवा iPad के माध्यम से रिटेल स्टोर्स, मोबाइल ऐप्स और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर आसानी से भुगतान कर पाएंगे।
सुरक्षा के मोर्चे पर इस तकनीक में परंपरागत कार्ड पिन (PIN) या वन-टाइम पासवर्ड (OTP) दर्ज करने की बाध्यता नहीं होगी। प्रत्येक ट्रांजेक्शन की पुष्टि डिवाइस में मौजूद Face ID, Touch ID या बायोमेट्रिक पासकोड के माध्यम से की जाएगी।