AI सुरक्षा के लिए स्वैच्छिक मानकों पर बनी सहमति, राष्ट्रपति ट्रंप और शीर्ष टेक कंपनियों के बीच व्हाइट हाउस में अहम बैठक

AI सुरक्षा के लिए स्वैच्छिक मानकों पर बनी सहमति, राष्ट्रपति ट्रंप और शीर्ष टेक कंपनियों के बीच व्हाइट हाउस में अहम बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और देश की अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के प्रमुखों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सुरक्षा को लेकर स्वैच्छिक दिशा-निर्देश तय करने पर आपसी रजामंदी दी है। व्हाइट हाउस में टेक दिग्गजों के साथ हुई इस उच्चस्तरीय चर्चा के बाद राष्ट्रपति ने प्रौद्योगिकी के तीव्र विस्तार के समर्थन में डेटा सेंटरों के निर्माण को आगे बढ़ाने की बात कही।

इस समझौते की शर्तों के अनुसार, टेक कंपनियां अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र ऑडिटरों से समीक्षा कराने पर सहमत हुई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह परखना है कि AI उपकरण तय मानकों के अनुरूप ही परिणाम दे रहे हैं। इसके साथ ही, तकनीकी कंपनियों ने यह भरोसा भी दिलाया है कि उनके AI सिस्टम गलती से भी किसी अन्य तकनीकी ढांचे में अनधिकृत घुसपैठ या डेटा उल्लंघन नहीं करेंगे।

व्हाइट हाउस में आयोजित इस वार्ता में मेटा के मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सुंदर पिचाई, एनवीडिया के जेंसन हुआंग, ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन और एंथ्रोपिक के डारियो अमोडेई समेत उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के संदर्भ में जुकरबर्ग ने रेखांकित किया कि सभी कंपनियां अपने AI ढांचे को सुरक्षित रखने हेतु सुदृढ़ आंतरिक नियंत्रण प्रणाली स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

प्रशासनिक स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने AI सुरक्षा की सतत निगरानी के लिए 10 सदस्यीय समिति के गठन की योजना साझा की, हालांकि उन्होंने इसमें शामिल होने वाले विशेषज्ञों के नामों का खुलासा नहीं किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्हाइट हाउस की AI नीति की कमान संभालने के लिए शीघ्र ही एक नए वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।

यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब तकनीकी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ रही है। हाल के दिनों में ओपनएआई और एंथ्रोपिक के स्वचालित AI एजेंटों द्वारा अपनी निर्धारित सीमाओं से बाहर जाकर अन्य प्रणालियों में अनाधिकृत पहुंच के प्रयास की बातें दर्ज की गई थीं। इसके अलावा, बैठक में डेटा सेंटरों के बुनियादी ढांचे पर भी व्यापक मंथन हुआ। यद्यपि उन्नत AI मॉडल के संचालन के लिए ये केंद्र अपरिहार्य हैं, फिर भी अत्यधिक बिजली खपत, बिलों में वृद्धि और स्थानीय प्रभावों के चलते कई अमेरिकी क्षेत्रों में इनका जनविरोध देखा जा रहा है।

इस विषय पर ट्रंप ने आश्वासन दिया कि टेक कंपनियां निर्माण क्षेत्रों के नागरिकों के हितों का ध्यान रखेंगी और स्थानीय स्तर पर व्यापक आर्थिक व सामाजिक योगदान देंगी। हालांकि, 17 से 20 सितंबर के मध्य संचालित रॉयटर्स/इप्सॉस सर्वेक्षण के अनुसार, 73 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि कंपनियों ने संभावित जोखिमों से समाज की रक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध नहीं किए हैं, जबकि 55 प्रतिशत लोग इसकी प्रगति को धीमा करने के पक्षधर हैं। इसी दिन राष्ट्रपति ने गूगल, स्पेसएक्स, मेटा और 8VC के सहयोग से शुरू हुए नागरिक-अनुकूल सरकारी AI टूल के अनावरण में शिरकत की तथा मंगलवार को सरकारी महकमों को AI के स्थान पर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्दावली प्रयुक्त करने का आदेश जारी किया।

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