उत्तराखंड में मंगलवार रात 10 बजकर 23 मिनट 13 सेकंड पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे कई जिलों में दहशत फैल गई। रिक्टर पैमाने पर 4.9 तीव्रता वाले इस भूकंप का सर्वाधिक असर चमोली जनपद में दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र चमोली जिले में जमीन से 13 किलोमीटर की गहराई पर था, जो जोशीमठ से करीब 50 किलोमीटर दक्षिण (अक्षांश 30.103 और देशांतर 79.561) में स्थित है।
भूकंप का असर राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों के कई जिलों तक देखा गया। पौड़ी गढ़वाल में रात करीब 10 बजकर 26 मिनट पर झटके लगे, जहां अनुमानित तीव्रता 4.4 रही। जनपद के कोटद्वार और आसपास के पर्वतीय इलाकों में कंपन होते ही नागरिक घबराकर अपने मकानों से बाहर निकल आए और काफी देर तक खुले स्थानों पर खड़े रहे।
कुमाऊं मंडल के नैनीताल में रात 10:23 बजे और उधम सिंह नगर जिले में 10 बजकर 24 मिनट पर धरती डोली। इसके अलावा हरिद्वार में भी लोगों ने कंपन महसूस होने की पुष्टि की। राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में भी रात लगभग 10:25 बजे भूकंप का अहसास हुआ, जिसके बाद वहां भी कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर आ गए।
राहत की बात यह रही कि अब तक प्रदेश के किसी भी हिस्से से किसी प्रकार की जनहानि अथवा संपत्ति के नुकसान का समाचार नहीं मिला है। स्थिति को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी तहसीलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने तथा भूकंप सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
उल्लेखनीय है कि भौगोलिक दृष्टि से उत्तराखंड भूकंप संवेदनशीलता के जोन-4 और जोन-5 में शामिल है। चमोली और जोशीमठ का भू-भाग पहले से ही भू-धंसाव के कारण संवेदनशील स्थिति में है और बीते कुछ महीनों में यहां कई बार हल्के झटके दर्ज किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 13 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित होने की वजह से यह मध्यम श्रेणी का भूकंप था, जिसका असर दूर-दराज के इलाकों में भी महसूस किया गया। फिलहाल पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य बनी हुई है।