एशियन गेम्स के पदकवीरों से मिले प्रधानमंत्री मोदी; खेल महासंघों और ‘खेलो इंडिया’ के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित

एशियन गेम्स के पदकवीरों से मिले प्रधानमंत्री मोदी; खेल महासंघों और ‘खेलो इंडिया’ के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित

नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने ‘खेलो इंडिया’ अभियान के विस्तार तथा राष्ट्रीय खेल महासंघों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है।

जापान के आइची-नागोया में संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक देश के नाम किए।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश ने एक दूरगामी सोच के साथ आधुनिक और पारदर्शी खेल व्यवस्था तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टॉप्स) और ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं को शुरू कर समय के साथ उनका विस्तार किया गया, जिसके तहत वर्तमान में देश भर में 1,000 से अधिक खेलो इंडिया केंद्र सक्रिय रूप से संचालित हो रहे हैं।

विगत वर्षों के खेल परिदृश्य को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश बेहद सीमित पदकों तक सिमट जाता था और अनेक स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व तक नहीं होता था। इस निराशाजनक स्थिति को बदलने के संकल्प का ही परिणाम है कि आज सभी वैश्विक मंचों पर भारत की उपस्थिति और प्रतिष्ठा दोनों तेजी से बढ़ रही हैं।

भारतीय दल में शामिल युवा प्रतिभाओं की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि 15 से 17 आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि सफलता के मार्ग में उम्र कोई बाधा नहीं बन सकती। उन्होंने बताया कि लाल किले की प्राचीर से घोषित ‘टैलेंट हंट’ विजन के तहत अब सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचकर नई प्रतिभाओं की समय रहते पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें सही प्रशिक्षण देकर भविष्य का चैंपियन बनाया जा सके।

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को “जो खेलता है, वही खिलता है” का मंत्र देते हुए खेल भावना को जीवन भर उपयोगी बताया। देश के भविष्य के लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों के बीच भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और साथ ही देश ने 2036 ओलंपिक खेलों के आयोजन का भी महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करने में पूर्णतः समर्थ है।

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