नई दिल्ली में मंगलवार को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह तथा फ्रांस के पारिस्थितिक बदलाव मंत्री मैथ्यू लेफेव्रे के मध्य एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य ध्येय जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय एवं आपसी तालमेल को अधिक प्रभावी बनाना था।
मुलाकात के बाद भारतीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने ‘एक्स’ के माध्यम से संवाद का ब्योरा साझा किया। उन्होंने फ्रांसीसी मंत्री के साथ चर्चा को सकारात्मक बताते हुए रेखांकित किया कि ऊर्जा संक्रमण, जैव विविधता का संवर्धन, जलवायु परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण और सीओपी-31 सम्मेलन के मुख्य एजेंडे पर दोनों देशों के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ है।
वैश्विक पहलों के संदर्भ में बैठक में इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) तथा कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) का विशेष उल्लेख हुआ। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने इन बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से भविष्य की रूपरेखा तैयार करने और साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।
फ्रांस के दूतावास ने भी इस राजनयिक चर्चा की पुष्टि करते हुए बताया कि आगामी अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण वार्ताओं से पहले दोनों पक्ष अपने रुख में समन्वय स्थापित करने के इच्छुक हैं। वार्ता के दौरान उच्च पर्यावरणीय मानकों को कायम रखने और टिकाऊ विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने पर ध्यान दिया गया।
दूतावास के वक्तव्य के अनुसार, दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन की जटिल समस्याओं से निपटने के लिए भारत और फ्रांस के बीच साझा प्रयास बेहद जरूरी हैं। इस दिशा में द्विपक्षीय सहभागिता को विस्तार देते हुए दोनों राष्ट्र मिलकर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।