टोक्यो में 16वें पैरालिंपिक गेम्स का आगाज हो चुका है। ओपनिंग सेरेमनी में भारत की ओर से जेवलिन थ्रोअर टेक चंद ध्वजवाहक रहे। टोक्यो 2 बार समर पैरालिंपिक गेम्स होस्ट करने वाला पहला शहर है। इससे पहले 1964 में भी टोक्यो ने इन गेम्स की मेजबानी की थी। तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान का एक भी एथलीट इस बार पैरालिंपिक खेलों में नजर नहीं आएगा। हालांकि, समर्थन के लिए कार्यक्रम में अफगानिस्तान का झंडा भी लहराया गया।
PM मोदी ने भी दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने ट्वीट किया कि मुझे यकीन है कि हमारा पैरालिंपिक दल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा और दूसरों को प्रेरित करेगा।
ओपनिंग सेरेमनी डायवर्सिटी का प्रतीक माने जाने वाले ‘पैरा एयरपोर्ट’ पर सेट की गई। इसकी शुरुआत एक वीडियो के साथ हुई है जिसमें पैरा एथलीटों की ताकत को दिखाया गया। वीडियो के खत्म होते ही ‘पैरा एयरपोर्ट’ के कर्मियों की तरह पोशाक में कार्यक्रम पेश किया गया। इसके बाद स्टेडियम में आतिशबाजी का शानदार नजारा देखने को मिला।
इस बार पैरालिंपिक्स में रिकॉर्ड 4537 खिलाड़ी शामिल होंगे। इसका पिछला रिकॉर्ड 4328 खिलाड़ियों के भाग लेने का था, जो रियो 2016 में बना था। 13 दिनों के दौरान 22 खेलों के कुल 539 इवेंट होंगे। 5 देश पहली बार पैरालिंपिक खेलों में डेब्यू करते नजर आएंगे। साथ ही रूस ROC के रूप में प्रतिस्पर्धा करना जारी रखेगा।
उद्घाटन समारोह में सबसे पहले मेजबान जापान के राष्ट्रीय ध्वज को स्टेडियम में लाया गया। 17वें नंबर पर भारतीय दल ने मार्च पास्ट निकाला। भारत की ओर से 54 खिलाड़ी अलग-अलग इवेंट में अपनी किस्मत आजमाएंगे।