गुलाब साइक्लोन डीप डिप्रेशन में बदला:ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में भारी बारिश

चक्रवाती तूफान गुलाब रविवार शाम आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट से टकराया। इसका असर अब झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश पर भी नजर आ सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दक्षिणी छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दक्षिणी ओडिशा, पश्चिमी मध्यप्रदेश और गुजरात में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्‌टनम में साइक्लोन के असर से भारी बारिश हुई और घरों में पानी भर गया।

झारखंड के दक्षिणी और मध्‍य जिलों में भी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में इसका असर जगदलपुर से 90 किमी दक्षिणपूर्व में दिखाई दे सकता है। उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ रात 2:30 बजे उत्तरी आंध्र प्रदेश में कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। अब अगले 12 घंटे में यह धीरे-धीरे कमजोर होता जाएगा।

कहां कितनी बारिश?
विशाखापट्‌टनम- 282 मिमी, किंगपट्टनम-126 मिमी, काकीनाडा-113 मिमी, विजयवाड़ा-108 मिमी।

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में तेज हवाओं के साथ रविवार शाम से ही बारिश शुरू हो गई थी। यहां तट के किनारे एक नाव तूफान से टकरा गई। इसमें 6 मछुआरे सवार थे। ये सभी नाव से तेज लहर के टकराने से समुद्र में गिर गए। इनमें से 2 की मौत हो गई। तीन सुरक्षित तट पर पहुंच गए और एक मछुआरा अब भी लापता है। यह हादसा मंडासा तट पर हुआ था।

समुद्र के गर्म क्षेत्र में मौसम की गर्मी से हवा गर्म होकर निम्न वायु दाब का क्षेत्र बनाती है। हवा गर्म होकर ऊपर आती है और ऊपर की नमी से मिलकर संघनन से बादल बनाती है। इस वजह से खाली जगह भरने के लिए नम हवा तेजी से नीचे आकर ऊपर जाती है। जब हवा बहुत तेजी से उस क्षेत्र के चारों ओर घूमती है तो घने बादलों के साथ बारिश करती है।

जब हवा की गति 31-50 किमी/घंटा के बीच होती है तो इसे लो डिप्रेशन कहा जाता है। वहीं जब गति 51-62 किमी/घंटा के बीच होती है तो इसे डीप डिप्रेशन कहते हैं। इसके बाद हवा की गति बढ़ती है तो डीप डिप्रेशन तूफान में बदल जाता है।

चक्रवाती तूफान गुलाब आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से शाम करीब 7 बजे टकराया। इसके साथ ही आंध्र के श्रीकाकुलम में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई है। यहां तट के किनारे एक नाव तूफान से टकरा गई। इसमें 6 मछुआरे सवार थे। ये सभी नाव से तेज लहर के टकराने से समुद्र में गिर गए। इनमें से दो की मौत हो गई। तीन सुरक्षित तट पर पहुंच गए और एक मछुआरा अब भी लापता है। उसकी तलाश में नौसेना बचाव अभियान चला रही है। यह हादसा मंडासा तट पर हुआ।

चक्रवात ने उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तट को पार कर लिया है। इसके कारण आंध्र के उत्तरी और ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में भारी बारिश हो रही है।

इससे पहले मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के उत्तरी इलाकों और ओडिशा के दक्षिणी इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। ओडिशा में NDRF के 24, ओडिशा डिसास्टर रैपिड एक्शन फोर्स के 42 दल तैनात किए गए और 1600 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

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