बांग्लादेश में हिन्दू मंदिरों पर हमला नहीं रुक रहा है। शुक्रवार को भीड़ ने नाओखाली में इस्कॉन मंदिर में तोड़फोड़ की। मंदिर की समिति ने यह दावा भी किया है कि 200 लोगों की भीड़ ने इस्कॉन के एक सदस्य पार्थो दास को बेरहमी से मार डाला, जिनका शव मंदिर के पास वाले तालाब में मिला। शुक्रवार को नाओखाली जिले में ही बेगमगंज इलाके में जतन कुमार साहा नाम के एक शख्स को मार डाला गया, जबकि 17 लोग घायल हुए।
वहीं शनिवार को दंगाइयों ने मुंशीगंज में दानियापारा महा शोशन काली मंदिर में घुसकर 6 मूर्तियां तोड़ डालीं। हमला शनिवार सुबह 3 से 4 बजे के बीच हुआ। मंदिर में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, इसलिए हमलावर बिना किसी डर के मूर्तियों को खंडित कर पाए। इस हमले में किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। दानियापारा के महासचिव शुव्रत देव नाथ वासु ने बताया कि मंदिर का ताला टूटा हुआ था और टीन की छत भी कटी हुई थी। उन्होंने कहा कि मंदिर में ऐसी घटना इससे पहले कभी नहीं हुई।
बांग्लादेश में लगातार हिंदू मंदिरों पर हुए हमले हो रहे हैं। एक दिन पहले चिट्टागांव के कोमिला इलाके में दुर्गा पंडालों पर हुए हमलों में 4 लोगों की मौत हुई थी। सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ी थी कि पूजा पंडाल में कुरान मिली है, जिसके बाद कई जगहों पर हिंसक घटनाएं हुईं। चांदपुर, चिट्टागांव, गाजीपुर, बंदरबन, चपाईनवाबगंज और मौलवीबाजार में कई पूजा पंडालों में तोड़फोड़ की गई।बांग्लादेश सरकार ने हिंदू मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले करने वालों के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने का वादा किया है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि कोमिला में हुई घटनाओं की पूरी तरह से जांच की जा रही है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस धर्म के हैं। उनको पकड़ा जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी।