जम्मू-कश्मीर से हार्डकोर आतंकियों की दूसरे राज्यों की जेल में शिफ्टिंग शुरू

जम्मू-कश्मीर में अचानक बढ़ी आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती शुरू हो गई है। इसके लिए केंद्र शासित प्रदेश की जेलों में बंद ए और बी कैटेगरी के हार्डकोर आतंकियों को दूसरे राज्यों की जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है।

कश्मीर घाटी की अलग-अलग सेंट्रल जेलों में बंद 26 आतंकियों का पहला ग्रुप शुक्रवार को ही उत्तर प्रदेश की आगरा सेंट्रल जेल के लिए रवाना कर दिया गया।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने इन आतंकियों को शिफ्ट करने का आदेश जम्मू एंड कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट-1978 की धारा 10 (बी) के तहत जारी किया है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद ऐसे 100 आतंकियों की लिस्ट तैयार की गई है, जो सुरक्षा बलों की तरफ से तैयार की गई ए और बी कैटेगरी के आतंकियों की लिस्ट में शामिल हैं। ये आतंकी जेल में रहकर भी बाहर अपने स्लीपर सेल के साथ लिंक जोड़े हुए हैं।

सूत्रों का कहना है कि हालिया आतंकी घटनाओं को जेल में बंद ऐसे ही आतंकियों ने अपरोक्ष तरीके से स्लीपर सेल के जरिए अंजाम दिया है या घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों की मदद अपने स्लीपर सेल से कराई है।

सूत्रों के मुताबिक, 30 आतंकी ए कैटेगरी में जबकि 70 आतंकी बी कैटेगरी में रखे गए हैं। सुरक्षा बलों ने इनके जेलों से फरार होने का खतरा जताया था।​​​​​

सूत्रों का कहना है कि इन 100 आतंकियों की लिस्ट में से सबसे पहले 26 आतंकियों को दूसरे राज्यों की जेल में भेजा जा रहा है। ये 26 आतंकी कश्मीर की जेलों में बंद थे, जहां से उन्हें निकालकर हाई सिक्योरिटी के बीच श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचाया गया। फिर वहां से इन आतंकियों को चार्टर्ड प्लेन के जरिए आगरा भेजा जा रहा है।

जम्मू में सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार के नेतृत्व में एक हाई सिक्योरिटी रिव्यू किया गया। इसमें सीआईएफ (डी), जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के एडीजी और आईजी व बीएसएफ के डीआईजी समेत कई अन्य पुलिस व सेना के अधिकारी शामिल थे।

इस बैठक में हाल में हुई आतंकी घटनाओं पर चर्चा की गई। साथ ही सभी सुरक्षा बलों के बीच आपसी तालमेल की भी समीक्षा की गई।

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