सूडान में तख्तापलट:

सूडान में सेना ने तख्तापलट कर दिया है। सोमवार रात को सेना ने सरकार से सत्ता छीन ली और देश पर शासन का ऐलान कर दिया। इसके बाद देश के नागरिक सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन प्रदर्शनों में 7 लोगों की जान गई, जबकि 140 लोग घायल हो गए।

तख्तापलट की अगुआई करने वाले नेता जनरल अब्दल फत्ताह अल-बुरहान ने सैन्य-नागरिक शासक समिति को भी भंग कर दिया। इस काउंसिल का गठन दो साल पहले तानाशाह ओमार अल-बशीर को सत्ता से हटाने के बाद देश में डेमोक्रेसी लागू करने के लिए किया गया था।

बुरहान ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है। उन्होंने कहा है कि सेना को देश की हिफाजत करनी होगी। उन्होंने वादा किया कि जुलाई 2023 में चुनाव होंगे और तब चुनी गई सरकार को सत्ता सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश अभी जिस दौर से गुजर रहा है, उससे युवाओं के सपने और देश की उम्मीदें खतरे में आ गई हैं। ​​​​​​

सूडान के सूचना मंत्री, जो अब तक प्रधानमंत्री अब्दल्ला हमदोक के लिए वफादार हैं, उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि परिवर्तन की स्थिति में संविधान सिर्फ प्रधानमंत्री को यह अधिकार देता है कि वे देश में आपातकाल लागू करें, सेना की तरफ से जो कदम उठाया गया है वह अपराध है। हमदोक अब भी कानूनी तौर पर देश के मुखिया हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमदोक कहां हैं और कैसे हैं, इस बारे में अमेरिका के पास कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल अमेरिका सूडान को दी जाने वाली 70 करोड़ डॉलर की मदद रोक रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सूडान के बारे में आज चर्चा करने वाला है।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता करीन जीन पीयरे ने कहा, ‘हम सेना की इन कार्रवाई को अस्वीकार करते हैं और हाउस अरेस्ट में रखे गए प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं की रिहाई की मांग करते हैं।’

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