UP-दिल्ली बॉर्डर (गाजीपुर) से शुक्रवार को 8 घंटे से दिल्ली पुलिस बैरिकेड्स हटवा रही है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की 6 लेन से अब तक 14 लेयर बैरिकेड्स हटाए जा चुके हैं। अब सिर्फ 2 लेयर बैरिकेडिंग रह गई है। अधिकारियों का कहना है कि आज ही एक्सप्रेस-वे को दिल्ली पुलिस की तरफ से क्लियर कर दिया जाएगा। हालांकि इसके बावजूद यूपी पुलिस के बैरिकेड्स रह जाएंगे। जो यूपी से दिल्ली जाने वाले रास्ते पर लगे हुए हैं।
शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली पुलिस के अधिकारी और फोर्स मौके पर मशक्कत करते नजर आए। क्रेन से बड़े-बड़े पत्थरों को हटाकर साइड में रखा गया है। बैरिकेड्स के ऊपर लगे लोहे के कंटीले तारों को पुलिस ने खुद कटर से काटकर हटाया है। मौके पर मौजूद दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि हमें ऊपर से आदेश हैं। इसलिए बैरिकेडिंग हटा रहे हैं।
इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि उनकी लड़ाई कभी रास्ते की नहीं रही है। उनकी लड़ाई तीन कृषि कानूनों को लेकर है। उन्होंने कहा कि रास्ते खुलेंगे, हम भी अपनी फसल बेचने के लिए संसद भवन जाएंगे। हम 11 महीने से बॉर्डर पर बैठे हैं। हमें दिल्ली जाना है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकते हैं।
टिकैत ने कह कि जिन किसानों की फसल नहीं बिक रही है। पहले उस फसल को ट्रैक्टर में संसद भवन के नजदीक ले जाकर बेचा जाएगा। हमने कभी रास्ते नहीं रोके। न ही यह हमारा काम है। हमारी लड़ाई तीन कृषि कानूनों को लेकर है। बता दें कि एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने दिल्ली से हरियाणा जाने वाले टीकरी बॉर्डर पर एक लेन लगे हुए बैरिकेड्स हटाए थे।दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक भी गाजीपुर बॉर्डर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा- ये दिल्ली पुलिस की एक पहल है। हम यह चाहते हैं कि इस हाईवे पर आवागमन शुरू हो। प्रदर्शनकारी किसानों से हम संपर्क में हैं। हमने उनसे अनुरोध किया है और आगे भी अनुरोध करेंगे। अगले कुछ घंटे में हम हाईवे पर लगे बेरिकेड्स को रिमूव करके आगे की कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। राकेश टिकैत के संसद भवन जाने की बात पर विशेष आयुक्त ने कहा कि हमारा पेशेवर तरीका है, वैसी स्थिति में उस तरह से हैंडल करेंगे। हालांकि हम किसानों से बातचीत करेंगे और रास्ता बाधित न हो, ऐसा आग्रह करेंगे।तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर 2020 को UP के किसान जब दिल्ली जा रहे थे, दिल्ली पुलिस ने उन्हें गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया था। उसी वक्त किसान बॉर्डर पर टैंट-तंबू लगाकर धरने पर बैठ गए थे। गाजीपुर की तरह सिंघु, टीकरी और शाहजहांपुर बॉर्डर पर भी किसान पिछले 11 महीने से धरने पर बैठे हैं।
पिछले दिनों रास्ता रोकने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसान प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन रास्ता नहीं रोक सकते। इसके बाद गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने एक बड़े तंबू का पर्दा हटाकर यह दिखाने का प्रयास किया था कि रास्ते हमने नहीं, पुलिस ने रोके हैं। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद दिल्ली पुलिस बैरिकेडिंग हटा रही है।