रानी लक्ष्मीबाई का किला देखने पहुंचे पीएम मोदी:डिफेंस कॉरिडोर की रखी आधारशिला;

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को झांसी में आयोजित ‘राष्ट्र रक्षा सर्मपण पर्व’ में पहुंचे। यहां डिफेंस कॉरिडोर की आधारशिला रखी। उन्होंने सेना को स्वदेशी लाइट कॉम्बेट हेलिकॉप्टर सौंपा। अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर पार्क का शिलान्यास किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के पूर्व छात्र संघ का शुभारंभ किया। संघ के पहले सदस्य भी बने। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रानी लक्ष्मीबाई का चित्र पीएम मोदी को भेंट किया। झांसी से पहले उन्होंने महोबा में अर्जुन सहायक परियोजना का लोकार्पण किया।

पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें

  • लाइट काम्बेट हेलिकॉप्टर स्वदेश में बना है। सोढ़े सोलर हजार की ऊंचाई पर उड़ने में सक्षम है।
  • 100 सैनिक स्कूल देश को दिए हैं। 35 स्कूलों में गर्ल्स के एडमिशन शुरू भी हो गए।
  • 600 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्लांट का शिलान्यास किया।
  • अटल एकता पार्क का लोकार्पण किया।
  • थल सेना को स्टार्टअप की तरफ से बने ड्रोन सौंपे।
  • नौसेना को इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर शूट दिए।
  • भारत डायनामिक्स लिमिटेड की झांसी इकाई का शिलान्यास किया। 183 हेक्टेयर में 400 करोड़ की लागत से बनेगी।
  • डिफरेंस एंटी टैंक मिसाइल यहां बनेंगे। देश की सीमाएं और ज्यादा सुरक्षित होंगी।
  • डिजिटली नेशनल वॉर मेमोरियल में डिजिटल स्क्रीन और अन्य सुविधाओं का शुभारंभ किया। इलेक्ट्रानिक कियोस्क राष्ट्र को समर्पित किया।
  • मैं झांसी के बेटे मेजर ध्यानचंद को याद करता हूं। जिन्होंने भारतीय खेलों को दुनिया में पहचान दिलाई। कुछ समय पहले, हमारी सरकार ने खेल रत्न पुरस्कारों का नाम मेजर ध्यानाचंद रखा है।पीएम झांसी से पहले महोबा में थे। उन्होंने जनसभा में कहा कि बुंदेलखंड के विकास के काम रुकने वाले नहीं हैं, लोग चाहे जितनी हाय तौबा मचा लें। हम गुजरात के कच्छ जैसी सफलता के लिए बुंदेलखंड में भी जुटे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी सरकारों ने बुंदेलखंड के साथ जैसा बर्ताव किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मोदी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि से हमने अब तक 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे हैं, जबकि परिवारवादियों की सरकारें किसानों को सिर्फ अभाव में रखना चाहती थीं। वो किसानों के नाम से घोषणाएं करते थे, लेकिन किसान तक पाई भी नहीं पहुंचती थी।मोदी ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि मैं जिस गुजरात से आता हूं, वहां की जमीनी हकीकत कुछ और है। पहले के गुजरात की परिस्थितियां बुंदेलखंड से बिल्कुल अलग नहीं थी, इसलिए आपकी तकलीफ को समझता हूं। आज गुजरात में रेगिस्तान तक भी पानी पहुंच रहा है। जैसी गुजरात में सफलता वैसी ही सफलता के लिए बुंदेलखंड में जुटे हुए हैं। मेरे गुजरात में कच्छ में लगातार पलायन हो रहा था, लेकिन जब मुझे सेवा करने का मौका मिला। आज कच्छ तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों के लोग कच्छ आ रहे हैं। मैं अपने अनुभव से कहता हूं कि हम बुंदेलखंड को फिर से नई ताकत दे सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि यह पानी की समस्या दशकों पुरानी है, इस वजह से पलायन होता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या लोगों को पता है कि समय के साथ यही क्षेत्र पानी की चुनौतियों और पलायन का केंद्र कैसे बन गया? क्यों इस क्षेत्र में लोग अपनी बेटी को ब्याहने से कतराने लगे? क्यों यहां की बेटियां पानी वाले क्षेत्र में शादी की कामना करने लगीं? इन सवालों के जवाब महोबा के लोग, बुंदेलखंड के लोग जानते हैं।

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