करतारपुर साहिब की यात्रा पर पाकिस्तान गए नवजोत सिंह सिद्धू की बयानबाजी पर सियासत शुरू हो गई है। शनिवार को सिद्धू ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना बड़ा भाई बताया है। उन्होंने कहा कि इमरान ने उन्हें बहुत प्यार दिया है।
सिद्धू के इस बयान पर BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सिद्धू ने एक बार फिर अपना पाकिस्तान प्रेम दिखाया है। वे हमेशा पाकिस्तान का गुणगान करते रहते हैं। पात्रा ने कहा कि यह कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है।कांग्रेसी सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि इमरान खान किसी का बड़ा भाई हो सकता है लेकिन भारत के लिए वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और सेना के गठजोड़ की कठपुतली है। जो पंजाब में ड्रोन के जरिए हथियार और नशा भेज रहा है। इसके अलावा वह रोजाना जम्मू कश्मीर में LOC पर आतंकवादियों को भेज रहा है। उन्होंने सिद्धू से पूछा कि क्या हम पुंछ में हमारे सैनिकों की शहादत को इतनी जल्दी भूल गए।
अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नवजोत सिद्धू ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को आज फिर अपना बड़ा भाई बताया। एक ऐसे देश के प्रधानमंत्री को जो सीमा पर रोज हमारे सैनिकों को मारने का हुक्म देता है। हमारे कितने सैनिक शहीद हो चुके हैं।
नवजोत सिद्धू को उस मां से पूछना चाहिए, जिसका बेटा बॉर्डर पर शहीद होकर आता है। इसके बावजूद मां कहती है कि मैं देशभक्त हूं और दूसरे बच्चे को भी सीमा पर भेजूंगी। दूसरी तरफ एक देश का चुनाव हुआ प्रतिनिधि देश के साथ गद्दारी कर दुश्मन को अपना भाई बताता है। यह देश के साथ गद्दारी है। ऐसे चुने हुए प्रतिनिधि के खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए और सैनिकों को भी कहना चाहिए कि हम ऐसे गद्दारों को सुरक्षा नहीं देंगे।भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी के फेवरेट नवजोत सिद्धू ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को बड़ा भाई कहा। पिछली बार उन्होंने पाक आर्मी चीफ जनरल बाजवा को गले लगाया था। उन्होंने कहा कि क्या अब यह कोई सरप्राइज है कि गांधी भाई-बहन ने पूर्व फौजी कैप्टन अमरिंदर सिंह के ऊपर पाकिस्तान प्रिय नवजोत सिद्धू को चुना।
पाकिस्तान पहुंचने पर सिद्धू का शाही स्वागत हुआ। पाकिस्तान की धरती पर कदम रखते ही उन पर फूलों की वर्षा की गई। इसके बाद करतारपुर साहिब के CEO मुहम्मद लतीफ ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पूरा पाकिस्तान आपका स्वागत करता है। हम लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। इसी बात पर सिद्धू ने कहा कि इमरान मेरे बड़े भाई हैं। उन्होंने मुझे बहुत प्यार दिया है। इसके बाद माला पहनाकर सिद्धू का स्वागत किया गया।
सिद्धू की पाकिस्तानी पीएम इमरान खान से नजदीकी पहली बार नहीं है। इससे पहले वे इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में भी पहुंच गए थे। वहां पर उन्होंने पाक आर्मी चीफ कमर बाजवा को गले लगा लिया था। इसके बाद वे करतारपुर कॉरिडोर खोलने को लेकर पाकिस्तान में हुए कार्यक्रम में भी हिस्सा लेने गए थे।
हालांकि सिद्धू के समर्थकों का कहना है कि दोनों ने एक साथ क्रिकेट खेला, इसलिए इस रिश्ते को राजनीतिक या भारत-पाक के बीच के तल्ख रिश्तों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।पंजाब सरकार की तरफ से पहले जत्थे में CM चरणजीत चन्नी परिवार, 3 मंत्रियों और कुछ विधायकों के साथ करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाक गए थे। तब भी यह सवाल उठा कि सिद्धू को उनके साथ जाना चाहिए था। बाद में पता चला कि पंजाब सरकार ने पहले जत्थे की सूची केंद्र को भेजी थी, उसमें सिद्धू का नाम नहीं था। इसको लेकर संगठन में सरकार के प्रति नाराजगी है।करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान हमेशा सिद्धू को क्रेडिट देता रहा है। हाल ही में कॉरिडोर खुला तो पाक सरकार की वेबसाइट में कहा गया कि सिद्धू ने ही पाक PM इमरान खान को कॉरिडोर खोलने का आइडिया दिया था, जिसके बाद यह संभव हो सका।