क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में 24 घंटे में भारी गिरावट आई है। इसकी सबसे प्रसिद्ध करेंसी बिटकॉइन का भाव 20% टूट गया है। एक घंटे में 10 हजार डॉलर भाव गिरा है। यह 42,296 डॉलर पर आ गई है। 15 दिन पहले 56 हजार डॉलर पर कारोबार कर रही थी।
अन्य करेंसी में, कार्डानो का भाव 27.40%, सोलाना का भाव 22.90%, डागकॉइन की कीमत 34.22%, शिबा इनू की कीमत 25% और XRP की कीमत 35% आज गिरी है।दरअसल, कई देशों में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर रेगुलेशन और प्रतिबंधों की वजह से निवेशक इस समय नर्वस हैं। बिटकॉइन ने हालांकि 20% टूटने के बाद थोड़ी रिकवरी दिखाई और यह 47,600 पर कारोबार कर रही थी। यानी इसमें तब भी 11% की गिरावट थी। क्रिप्टो की दूसरी सबसे बड़ी करेंसी एथर की कीमत 17.4% तक गिरी और बाद में यह 10% की गिरावट के साथ कारोबार कर रही थी।
क्रिप्टो सेक्टर की बात करें तो इसके वैल्यू में करीबन 20% की कमी आई है। इसकी कुल वैल्यू 2.2 लाख करोड़ डॉलर हो गई है। पिछले महीने यह 3 लाख करोड़ डॉलर तक चली गई थी। जानकारों के मुताबिक, फाइनेंशियल बाजारों में क्रिप्टो को असेट मानने से इनकार किया जा रहा है। महंगाई बढ़ने से दुनिया भर के सेंट्रल बैंक मॉनिटरी पॉलिसी को और कठोर कर सकते हैं। इससे सिस्टम में लिक्विडिटी की कमी आ सकती है।
कोराना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसी आशंका है कि इससे ग्लोबल इकोनॉमी फिर से चपेट में आ सकती है। इस हफ्ते पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में गिरावट रही। विकसित और विकासशील देशों के बाजारों में हफ्ते भर में 3-4% की गिरावट देखी गई।शनिवार को क्रिप्टो के बाजार से करीबन 2.4 अरब डॉलर की रकम निकाली गई है। 7 सितंबर के बाद किसी एक दिन में यह सबसे बड़ी निकासी है। 10 नवंबर के बाद से बिटकॉइन की कीमतों में 21 हजार डॉलर की गिरावट आ चुकी है। उस समय यह 68 हजार डॉलर के पार पहुंच गई थी। हालांकि अभी भी इसने इस साल में 60% का रिटर्न दिया है।
अलसल्वाडोर के राष्ट्रपति ने कहा कि हम अभी भी गिरावट के दौर में बिटकॉइन खरीद रहे हैं और 150 बिटकॉइन की खरीदी की गई है। इस देश ने इसी साल में बिटकॉइन को कानूनी मुद्रा के रूप में मंजूरी दी है। बिटकॉइन जुलाई में 30 हजार डॉलर पर पहुंच गई थी। जानकारों का कहना है कि अगर यह 40 से 42 हजार डॉलर पर रुकती है तो फिर से ऊपर जा सकती है। यदि इसमें इससे नीचे का भाव आता है तो यह 30 हजार डॉलर तक भी जा सकती है।