अफ्रीका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल(CDC) के प्रमुख जॉन नेकेंगसॉन्ग ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के सीरम इंस्टीट्यूट(SII) और ग्लोबल वैक्सीन-शेयर नेटवर्क कोवैक्स फैसिलिटी के बीच वैक्सीन की सप्लाई प्रभावित हुई है। उन्होंने अफ्रीकी मेडिकल संगठनों के साथ सीरम इंस्टीट्यूट का संबंध ठीक न होना इसकी वजह बताई है। नेकेंगसॉन्ग ने एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि और कोवैक्स, अफ्रीका और सीरम इंस्टीट्यूट के बीच ऐसी समस्या होना दुर्भाग्यपूर्ण है।WHO की वैक्सीन एडवाइजरी पैनल के अध्यक्ष डॉ. एलेजांद्रो क्रावियोटो ने कहा है कि नए आंकड़ों से कोरोना के खिलाफ वैक्सीन के असर में गिरावट का पता चला है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों में भी वैक्सीन के असर में गिरावट देखी गई है।
कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट अब पाकिस्तान पहुंचा गया है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कराची में 65 साल की महिला पेशेंट में कोरोना की पुष्टि हुई है। महिला कराची शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रही थी। सिंध के स्वास्थ्य और जनसंख्या कल्याण मंत्री डॉ अजरा पेचुहो ने कहा, “हमने अभी तक वायरस की जीनोमिक स्टडी नहीं की है, लेकिन जिस तरह से वायरस व्यवहार कर रहा है, ऐसा लगता है कि यह ओमिक्रॉन वैरिएंट है।” संक्रमित महिला को वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगी है।
अमेरिका में 20 करोड़ लोगों ( करीब 60% आबादी) को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, यहां रोजाना औसतन 17.8 लाख वैक्सीन की डोज लगा ई जा रही है। इसमें पहली, दूसरी और बूस्टर डोज शामिल है। हालांकि, अवर वर्ल्ड इन डेटा के मुताबिक, अमेरिका अभी भी सिंगापुर और पुर्तगाल जैसे देशों से वैक्सीनेशन में बहुत पीछे है, जहां की 90% आबादी वैक्सीनेटेड है। कंबोडिया जैसे विकासशील देश भी अपनी 80% आबादी को वैक्सीनेट कर चुके हैं।
रूस में पिछले 24 घंटों में 30,209 नए कोरोना केस दर्ज किए गए हैं। यहां एक दिन में 1,181 लोगों की मौत हुई है। रूस के नेशनल इंफार्मेशन सेंटर ने यहां अब तक कोरोना के कुल 99.25 लाख मामलों और 2.86 लाख मौतों की पुष्टि की है। वहीं, तुर्की में रोजाना के कोरोना केस की संख्या 20,874 दर्ज की गई है।कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर जापान के एक साइंटिस्ट ने स्टडी रिपोर्ट जारी की है। क्योटो यूनिवर्सिटी में हेल्थ एंड एनवॉयरमेंट साइंसेज के प्रोफेसर हिरोशी निशिउरा ने बताया है कि ओमिक्रॉन पुराने डेल्टा वैरिएंट मुकाबले 4.2 गुना तेजी से फैलता है। हिरोशी संक्रामक रोगों के मैथमैटिकल मॉडलिंग में एक्सपर्ट हैं। वह दक्षिण अफ्रीका के गौटेंग प्रांत में 26 नवंबर तक उपलब्ध जीनोम डेटा के एनालिसिस के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं।
WHO ने बुधवार को कहा कि कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट 57 देशों में पाया गया है। इसके तेजी से फैलने की वजह से अस्पताल में भर्ती होने संक्रमितों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हेल्थ एजेंसी ने अपनी साप्ताहिक महामारी रिपोर्ट में कहा है कि ओमिक्रॉन के खतरे और इस पर वैक्सीन के प्रभाव को जानने के लिए हमें और अधिक डेटा की जरूरत है। अगर यह डेल्टा वैरिएंट के जितना ही खतरनाक साबित होता है तो और भी लोग संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होंगे। इस वजह से मौतों की संख्या भी बढ़ सकती है।कोरोना वैक्सीन निर्माता कंपनी फाइजर-बायोनटेक ने दावा किया है कि उसके टीके की तीन डोज से ओमिक्रॉन को मात दी जा सकती है। फाइजर-बायोनटेक ने ओमिक्रॉन पर वैक्सीन के असर को लेकर हुई शुरुआती स्टडी के आधार पर यह दावा किया है। स्टडी में पाया गया कि वैक्सीन की तीसरी डोज लेने से एंटीबॉडी दूसरी डोज की तुलना में 25 गुना बढ़ गई। मालूम हो कि दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना का यह नया वैरिएंट 57 देशों तक पहुंच चुका है।