चीन में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विंटर ओलिंपिक गेम्स का अमेरिका समेत चार देशों ने डिप्लोमैटिक बायकॉट कर दिया है। चीन इससे बौखला गया है। गुरुवार को उसने बायकॉट करने वाले चार देशों अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कनाडा को सीधे तौर पर धमकी दी। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा- हमारे यहां होने वाले विंटर ओलिंपिक गेम्स का कुछ देशों ने डिप्लोमैटिक बायकॉट किया है। हम साफ कर देना चाहते हैं कि खेलों में सियासत गलत है और इन देशों को इस बायकॉट की कीमत चुकानी होगी।
चीन मे अगले साल विंटर ओलिंपिक गेम्स होने वाले हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने इसका डिप्लोमैटिक बायकॉट कर दिया है। इन देशों का आरोप है कि चीन में मानवाधिकारों का हनन यानी ह्यूमन राइट्स वायलेशन्स होते हैं। ये चार देश स्पोर्ट्स इवेंट्स के लिए तो टीमें भेजेंगे, लेकिन इसके साथ जाने वाले डिप्लोमैट्स नहीं जाएंगे। कूटनीतिक तौर पर यह कदम सांकेतिक ही सही, लेकिन चीन के लिए बड़ा झटका है। चीन इसी वजह से बौखलाया हुआ है। बायकॉट की शुरुआत इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने की थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने भी यही फैसला किया। गुरुवार को कनाडा भी डिप्लोमैटिक बायकॉट करने वाले देशों में शामिल हो गया।
चीन को फिक्र है कि इन चार देशों के बाद कुछ और देश भी विंटर ओलिंपिक का डिप्लोमैटिक बायकॉट कर सकते हैं। यही वजह है कि अब उसने कूटनीति के बजाए धमकी वाले रवैया अख्तियार कर लिया है। गुरुवार को इस बारे में पूछे गए एक सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वेंग वेनबिन ने कहा- सियासी फायदे के लिए ओलिंपिक जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना गलत है। बायकॉट करने वाले देश खुद को अलग-थलग कर रहे हैं। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। चीन की इस धमकी पर अभी अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का रिएक्शन नहीं आया है।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने गुरुवार को कहा- चीन में ह्यूमन राइट्स के मुद्दे पर हम पहले भी फिक्र जाहिर कर चुके हैं। वहां सुधार होता नजर नहीं आ रहा। लिहाजा, हमने बीजिंग विंटर ओलिंपिक गेम्स और पैरालंपिक गेम्स के डिप्लोमैटिक बायकॉट का फैसला किया है। यही बातें अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने भी कहीं थीं।
इस मामले पर चीन और पश्चिमी देशों में तल्खी बढ़ती जा रही है। वॉशिंगटन में चीनी एम्बेसी के प्रवक्ता ने इस मामले पर कहा- पर्वत कभी नदियों को समंदर में मिलने से नहीं रोक सकते। खेलों में खिलाड़ियों का प्रदर्शन मायने रखता है। हम बाकी चीजों पर बात नहीं करना चाहते।