भारत सरकार ऑपरेशन देवी शक्ति के तहत 110 लोगों को हिंसाग्रस्त अफगानिस्तान से नई दिल्ली ले आई है। शुक्रवार को एक स्पेशल फ्लाइट इन लोगों को लेकर काबुल से रवाना हुई और दोपहर को इसने दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड किया। भारत लाए गए लोगों में कुछ अफगान नागरिक भी हैं, ये सिख और हिंदू धर्म के अनुयायी हैं। ये लोग अपने साहब पवित्र गुरू ग्रंथ साहिब और हिंदू धर्म ग्रंथ जैसे रामायण-भगवद गीता भी लाए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर इन्हें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रिसीव किया।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद कुछ भारतीय वहां फंस गए थे। इन्हें निकालने के लिए भारत सरकार लगातार कोशिश कर रही थी। शुक्रवार को इन्हें यहां लाया गया। वापस लाए गए लोगों में कुछ अफगान नागरिक भी शामिल हैं, हालांकि सरकार ने इनके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं। इंडिया वर्ल्ड फोरम ने भी इस बारे में जानकारी दी है।
सिख धर्मावलंबी अपने साथ अफगानिस्तान के गुरुद्वारों से तीन गुरू ग्रंथ साहिब भी लाए हैं। काबुल के 5वीं सदी में बने मंदिर से रामायण, महाभारत और भगवद गीता जैसे हिंदू धर्म ग्रंथ भी लाए गए हैं। इंडिया वर्ल्ड फोरम के मुताबिक, दिल्ली आए अफगान नागरिकों को सोबती फाउंडेशन में ठहराया जाएगा। अफगान नागरिकों में उस महरम अली का परिवार भी शामिल है, जिसने काबुल के गुरुद्वारा गुरू हर राय पर आतंकी हमले के दौरान शहादत दी थी।
गुरू ग्रंथ साहिब को गुरुद्वारा गुरू अर्जन देव जी, महावीर नगर में जबकि हिंदू धर्म ग्रंथों को फरीदाबाद के असमाई मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
पिछले हफ्ते सरकार ने लोकसभा में कहा था कि अगस्त से अब तक 565 लोगों को अफगानिस्तान से भारत लाया जा चुका है। कांग्रेस सांसद हिबी एडन के एक सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधर ने कहा था- हम अफगानिस्तान में फंसे तमाम भारतीयों के संपर्क में हैं। हालांकि, सरकार ने यह साफ नहीं किया था कि जिन लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है, उनमें कितने अफगान नागरिक हैं।