जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती को श्रीनगर के गुपकार रोड स्थित उनके घर में हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। इसके साथ ही श्रीनगर स्थित पीडीपी के कार्यालय को भी पुलिस ने सील कर दिया है और किसी भी पार्टी कार्यकर्ता को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है।
12 दिसंबर को पीडीपी का यूथ कन्वेंशन होने वाला था, इसके पहले ही जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कोविड-19 प्रतिबंधों का हवाला देते हुए ये सख्ती दिखाई है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ये खाली कुर्सियां जम्मू- कश्मीर के हालात की तस्वीर पेश कर रही हैं। कोरोना का बहाना बना कर सरकार हमारी आवाज दबा रही है। नौजवानों को घर से बाहर निकलने और पॉलिटिक्स में जाने से रोकने के लिए नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रवक्ता मोहित भान ने श्रीनगर के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के ऑर्डर की कॉपी ट्वीट की है। प्रशासन ने कहा है कि- ‘कोविड-19 को लेकर प्रतिबंध जारी हैं। इसलिए पीडीपी गुपकार रोड पर अपना यूथ कॉन्फ्रेंस का कार्यक्रम नहीं कर सकती है। बिना इजाजत के इस तरह के कार्यक्रम को आयोजित ना दिया जाए।’
पीडीपी प्रवक्ता नाजमू साकिब ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया है कि गुपकार को जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है, ताकि पीडीपी के तय कार्यक्रम यूथ कन्वेंशन को आयोजित ना होने दिया जाए। इसके बाद हमने तय किया कि हम ये कार्यक्रम पार्टी कार्यालय में आयोजित करेंगे, लेकिन प्रशासन ने पार्टी ऑफिस भी सील कर दिया है।जानकारी के मुताबिक, श्रीनगर के पनथा चौक पर कई सारे वाहनों को रोका जा रहा है। वहीं सोनवार में कुछ जगहों पर लाठीचार्ज की भी खबरें आई हैं। बता दें कि पीडीपी पिछले कई दिनों से 12 दिसंबर को यूथ कन्वेंशन आयोजित करने की तैयारी कर रही थी।जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के करीब 2 साल बाद कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। पिछले 1-2 महीनों से नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी जैसी पार्टियां जम्मू कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में पार्टी सम्मेलन आयोजित कर रही हैं।