मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने खैरागढ़ दौरे के दौरान अचानक एक धान खरीदी केंद्र पहुंच गये। मुख्यमंत्री के अचानक वहां पहुंच जाने से प्रशासनिक अफसरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर स्थानीय किसान खुश हो गये।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को राजनांदगांव के खैरागढ़ पहुंचे थे। वहां उन्होंने चुनावी जनसभा को संबोधित किया। लौटते हुये मुख्यमंत्री अचानक पवनतारा गांव के जालबांधा धान खरीदी केंद्र पहुंच गये। उनके साथ कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल भी थे।
मुख्यमंत्री ने केंद्र पर धान खरीदी व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान वहां धान बेचने आये पेटी और पवनतरा गांव के किसानों से भी उन्होंने बात की। पेटी गांव के किसान बिसहुआ लोधी ने बताया, वे डेढ़ एकड़ में धान की खेती करते हैं। आज वे 51 बोरा धान बेचने आये हैं। त्रिवेणी वर्मा ने बताया, उन्होंने आज 55 बोरा धान बेचा है। किसान मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर काफी खुश दिखे। उन लोगों ने मुख्यमंत्री ने खेती और गांव की समस्याओं की जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग जिले से गुजरे तो वहां भी एक खरीदी केंद्र में दस्तक दी। वे बिरेझर गांव के धान खरीदी केंद्र पहुंचे। केंद्र प्रभारी और किसानों से चर्चा की।छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीदी एक दिसम्बर से शुरू हुई है। अब तक लगभग 26 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। अधिकारियों ने बताया, राज्य में प्रतिदिन औसतन 3 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में राज्य में 105 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमान लगाया गया है।