कोरोना देश-दुनिया में

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया के 91 देशों में फैल चुका है। भारत के 11 राज्यों में नए वैरिएंट के अब तक 101 केस मिले हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी।

अग्रवाल ने बताया कि WHO के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा स्ट्रेन के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से पांव पसार रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में ही 24 नवंबर को ओमिक्रॉन वैरिएंट के पहले केस की पहचान की गई थी।

तेलंगाना में आज ओमिक्रॉन के 2 नए मामलो की पुष्टि हुई। यहां ओमिक्रॉन के कुल 8 मामले हो गए हैं। वहीं, दिल्ली में आज ओमिक्रॉन के 10 नए केस दर्ज किए गए हैं। इसके बाद राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 20 हो गई है। दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने नए मामलों की पुष्टि की है। देश में नए वैरिएंट के कुल मामले अब बढ़कर 99 हो गए हैं।चीनी बायोटेक कंपनी सिनोवैक ने दावा किया कि उसकी कोरोना वैक्सीन की बूस्टर(तीसरी) डोज ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ 94% प्रभावी है। कंपनी ने 2 ग्रुप्स पर स्टडी की। इस दौरान पहले ग्रुप में शामिल 20 लोगों को दो डोज लगाई गई। वहीं, दूसरे ग्रुप में शामिल 48 लोगों को तीसरी डोज दी गई। चीनी मीडिया के मुताबिक, पहले ग्रुप में 7 और दूसरे में 45 लोगों में ओमिक्रॉन के खिलाफ एंटीबॉडी मिली। स्टडी में पता चला कि वैक्सीन की 2 डोज ओमिक्रॉन के खिलाफ एंटीबॉडी डेवलप करने में असफल थी।

कोरोना के बढ़ते मामलों और वैक्सीनेशन ड्राइव में तेजी के बीच अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि अधिकतर अमेरिकियों को जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) की बजाय फाइजर और मॉर्डना की वैक्सीन लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि J&J की वैक्सीन से बेहद कम, लेकिन गंभीर ब्लड क्लॉटिंग हो सकती है।

सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के सलाहकारों ने कहा कि J&J वैक्सीन लगने के बाद हुई क्लॉटिंग के चलते अब तक अमेरिका में 9 मौतों की पुष्टि हुई है। फाइजर और मॉर्डना की वैक्सीन के साथ ऐसे रिस्क नहीं आते हैं और वे ज्यादा प्रभावी भी साबित हुई हैं।

अमेरिका में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लोगों को चेताया है। बाइडेन ने कहा कि वैक्सीन न लगवाने वाले लोगों को इस सर्दी में गंभीर बीमारी और मौत का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका में ओमिक्रॉन के तेजी से फैलने की आशंका भी जाहिर की।

वहीं, महामारी को लेकर मेडिकल एक्सपर्ट्स के साथ हुई मीटिंग के बाद कहा कि देश ओमिक्रॉन से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश में बूस्टर डोज दी जा रही है और ट्रैवल को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। 1 दिसंबर को अमेरिका में रोजाना के औसत नए कोरोना केस की संख्या 86,000 थी, जो 14 दिसंबर को 1,17,000 हो गई। 

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के कारण महामारी की चौथी लहर के करीब पहुंच चुकी यूरोपियन कंट्रीज में अब इससे निपटने के लिए फाइजर कंपनी की कोविड टैबलेट का इस्तेमाल किया जाएगा। यूरोपियन यूनियन (EU) के ड्रग्स रेगुलेटर ने इस टैबलेट के इमरजेंसी यूज का अप्रूवल दे दिया है।

अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर ने इसी सप्ताह दावा किया था कि उनकी टैबलेट के इस्तेमाल से कोरोना के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले और मरने वाले लोगों की संख्या में 90 परसेंट तक कमी आएगी। यूरोपियन मेडिसिंस एजेंसी (EMA) ने फाइजर की टैबलेट के इमरजेंसी यूज की मंजूरी उन एडल्टस के लिए दी है जिन्हें ऑक्सीजन सप्लाई की जरूरत नहीं है। साथ ही जिनमें संक्रमण के बढ़कर गंभीर होने की संभावना नहीं हैं।

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