पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस हमलावर हो गई है। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू ने कहा कि किसान डेढ़ साल तक दिल्ली बॉर्डर पर बैठे रहे। किसी ने कुछ नहीं कहा। आपको 15 मिनट रुकना पड़ा तो कष्ट हो गया।
वहीं, CM चरणजीत चन्नी ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की रैली में भीड़ नहीं आई तो उसमें मेरा क्या कसूर है। साफ तौर पर अब कांग्रेस इसे पंजाब और भाजपा की लड़ाई बना रही है ताकि अगले चुनाव में इसे हथियार बनाया जा सके।नवजोत सिद्धू ने कहा कि प्रधानमंत्री दोहरे मापदंड क्यों अपना रहे हैं। पंजाब के लोगों में उनके प्रति गुस्सा है। सिद्धू ने कहा कि पीएम ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी लेकिन उनके पास जो था, उसे भी ले गए। सिद्धू ने कहा कि पीएम आज जो मर्जी ड्रामा कर ले। यह कानून पीएम ने वापस नहीं लिए बल्कि किसानों ने गले पर अंगूठा रखकर वापस करवाए हैं। सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भी हमला किया कि वह खाली कुर्सी को भाषण दे रहे थे। कैप्टन का भंडा फूट गया है। सिद्धू ने कहा कि पीएम को सुनने सिर्फ 500 लोग आए तो यह कैप्टन और भाजपा का फेलियर है।
CM चन्नी ने कहा कि जब पीएम को पता चला कि रैली में कोई नहीं आया तो बहाना बना लिया कि मुझे रोक लिया। बाद में पंजाब, पंजाबियत और पंजाब के लोगों को बदनाम किया जा रहा है। सिक्योरिटी को लेकर SPG ने कब्जा ले लिया था। पूरी जिम्मेदारी उनकी थी। उनके पास कोई किसान या पंजाबी नहीं था। किसी ने नारा भी नहीं लगाया। अगर पीएम पर हमला हो गया था तो हिंदुस्तान की खुफिया एजेंसियां क्या कर रही थीं? रैली की असफलता को छिपाने के लिए घटिया राजनीति कर रहे हैं। चन्नी ने कहा कि अगर पीएम को खतरा हुआ तो पंजाब का CM अपनी छाती पर गोली खाएगा।