संसद का बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से हुई। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बाहर मीडियो को संबोधित किया। मोदी ने सांसदों से सदन की चर्चा में खुलकर भाग लेने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज बजट सत्र का प्रारंभ हो रहा है। मैं सभी साथियों का स्वागत करता हूं। आज की वैश्विक परिस्थिति में भारत के लिए बहुत अवसर मौजूद हैं। यह बजट विश्व में सिर्फ भारत की आर्थिक प्रगति, भारत का वैक्सीनेशन प्रोग्राम, हमारी बनाई हुई वैक्सीन, पूरी दुनियाभर में एक विश्वास पैदा कर रही है।’PM मोदी ने सांसदों से अपील करते हुए कहा, ‘चुनाव चलते रहेंगे, लेकिन बजट पर चर्चा में सभी सदस्य खुले मन से शामिल हों। इस सत्र में हम सांसदों की बातचीत, चर्चा के मुद्दे, वैश्विक प्रभाव का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। मैं आशा करता हूं कि सभी सांसद खुले मन से चर्चा करके देश को प्रगति के रास्ते ले जाने में सहायक होंगे। मैं सभी आदरणीय सांसदों से प्रार्थना करूंगा कि चुनाव तो चलते रहेंगे, लेकिन बजट सत्र पूरे वर्ष भर का खाका खींचता है, हम पूरी प्रतिबद्धता के साल इस बजट सत्र को जितना ज्यादा फलदायी बनाएंगे, उतना देश का फायदा होगा।’
लोकसभा में पेश इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, अगले फाइनेंशियल इयर में 8 से 8.5% ग्रोथ का अनुमान जताया गया है। सर्वे पेश किए जाने के बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा के बाद इकोनॉमिक सर्वे को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। करीब 3.30 बजे इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
मंगलवार को ही सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार का 10वां और अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगी। इस बार भी बजट पिछले साल की तरह पेपरलेस होगा। माना जा रहा है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले आने वाले इस बजट में लोगों को राहत दी जा सकती है।
इकोनॉमिक सर्वे या आर्थिक सर्वेक्षण का मतलब, पिछले एक साल में देश के आर्थिक हालातों का लेखा-जोखा से है। इससे पता चलता है कि पिछले एक साल में देश में कितना विकास हुआ और कितना पैसा कहां खर्च हुआ, इसकी समीक्षा की जाती है। इस सर्वे से देश की जीडीपी का भी अनुमान लगाया जाता है। इकोनॉमिक सर्वे फाइनेंस मिनिस्टर के मुख्य आर्थिक सलाहकार की देख-रेख में बनाया जाता है। कोरोना की वजह से बजट सत्र को 3 चरणों में बांटा गया है।
इससे पहले, संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कोरोना महामारी से लेकर इस दौरान चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। राष्ट्रपति ने 52 मिनट के भाषण में किसानों, महिलाओं से लेकर तीन तलाक तक के मुद्दों को शामिल किया।
बजट सत्र से पहले पेगासस जासूसी विवाद दोबारा उठ चुका है। ऐसे में सत्र के हंगामेदार रहने की पूरी आशंका है। कांग्रेस के साथ ही दूसरे विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर आईटी मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की मांग की है।
अधीर रंजन चौधरी ने अपने पत्र में 28 जनवरी को न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर को मुद्दा बनाया है। नेता विपक्ष ने लिखा है कि सरकार ने 2017 में 20 लाख डॉलर के डील पैकेज के साथ जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस की डील की। इसके जरिए राजनेताओं, जजों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।