चीन की राजधानी बीजिंग में शुक्रवार, यानी 4 फरवरी, से विंटर ओलिंपिक्स का आगाज हो रहा है। बीजिंग विंटर ओलिंपिक में भारत से सिर्फ एक एथलीट हिस्सा ले रहा है। कश्मीर के रहने वाले मोहम्मद आरिफ खान इस बार दो इवेंट्स में देश को रिप्रजेंट करेंगे। आरिफ स्लैलम और जाइंट स्लैलम प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। आरिफ विंटर ओलिंपिक में भाग लेने वाले सिर्फ 16वें भारतीय ओलिंपियन होंगे।
31 वर्षीय आरिफ खान जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग के रहने वाले है। गुलमर्ग घाटी के पहाड़ों पर स्कीइंग करने से लेकर बीजिंग ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करना उनके लिए आसान नहीं रहा। आरिफ 127 से ज्यादा इंटरनेशनल चैंपियनशिप्स में हिस्सा ले चुके हैं। पिछले साल 2021 में दुबई में आयोजित एंट्री लीग प्रतियोगिता में आरिफ ने जीत दर्ज कर बीजिंग का टिकट कटाया था।
आरिफ खान को बचपन से ही स्कीइंग का शौक था। उनके पिता यासीन खान उनको स्कीइंग सीखाते थे। आरिफ के पिता गुलमर्ग की ढलानों पर स्कीइंग किया करते थे और तभी आरिफ ने स्की को अपनाया। आरिफ पयर्टन से भी जुड़े हैं और पर्यटकों को भी स्कीइंग सिखाते हैं।
साल 2018 में आरिफ पैसों की कमी के चलते पियोंग चैंग विंटर ओलिंपिक्स में जगह नहीं बना सके थे। आरिफ को ट्रेनिंग के लिए स्विट्जरलैंड जाना था, लेकिन 1.5 लाख रुपए की कमी के कारण ऐसा नहीं कर सके थे। आरिफ के परिवार की अधिकांश कमाई गुलमर्ग में पर्यटन से होती है। वह ट्रेनिंग और ट्रेवल के लिए ज्यादा पैसा नहीं जुटा पाए और ओलिंपिक्स का हिस्सा नहीं बन सके।बीजिंग 2022 में आरिफ खान अपने अभियान की शुरुआत 13 फरवरी को जाइंट स्लैलम इवेंट से करेंगे। इसके बाद आरिफ 16 फरवरी को स्लैलम इवेंट में अपनी चुनौती पेश करेंगे। ये दोनों इवेंट्स यानकिंग जिले के शियाओहाइतुओ अल्पाइन स्कीइंग फील्ड में आयोजित किए जाएंगे।विंटर ओलिंपिक के अभी तक इतिहास में केवल 15 भारतीय एथलीटों ने ही हिस्सा लिया है। भारत के पहले विंटर ओलिंपियन बनने का गौरव 1964 में जेरेमी बुजाकोव्स्की ने हासिल किया था। वहीं, शिवा केशवन इकलौते ऐसे भारतीय ओलिंपियन रहे, जिन्होंने कुल 6 विंटर ओलिंपिक्स में भाग लिया। इस इवेंट में भाग लेने वाले आखिरी भारतीय जगदीश सिंह थे, उन्होंने 2018 के विंटर ओलिंपिक में हिस्सा लिया था।