अगली ब्रिटिश महारानी के ताज में सजेगा हिंदुस्तानी कोहिनूर:

अगली ब्रिटिश महारानी के ताज में सजेगा हिंदुस्तानी कोहिनूर:

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने शनिवार को ऐलान किया है कि अब प्रिंस चार्ल्स ब्रिटेन की राजगद्दी संभालेंगे। प्रिंस ऑफ वेल्स चार्ल्स की ताजपोशी के साथ ही उनकी दूसरी पत्नी कैमिला को महारानी का दर्जा मिलने के साथ ही बेशकीमती कोहिनूर हीरे से जड़ा ताज पहनाया जाएगा। यह ताज 70 सालों से ब्रिटेन की क्वीन एलिजाबेथ पहनती आई हैं। अब इसे डचेस ऑफ कॉर्नवाल यानी कैमिला को पहनाया जाएगा। प्लैटिनम और कोहिनूर हीरे से जड़ा यह ताज 1937 में किंग जॉर्ज की ताजपोशी के लिए बनाया गया था।महारानी के पहले बेटे प्रिंस चार्ल्स की दूसरी पत्नी कैमिला डचेस ऑफ कॉर्नवाल हैं। प्रिंसेज डायना की मौत के बाद प्रिंस चार्ल्स ने कैमिला से शादी कर ली थी। प्रिंस चार्ल्स को महाराज बनाए जाने की अब तक पिछली योजना के मुताबिक, कैमिला का पद प्रिंसेज का ही रहने वाला था, लेकिन 5 साल पहले प्रिंस चार्ल्स ने अपनी ताजपोशी की शपथ में कैमिला को राजकुमारी नहीं बल्कि महारानी कहने के लिए क्वीन एलिजाबेथ से अनुमति मांगी थी। महारानी एलिजाबेथ ने इसकी इजाजत भी दे दी थी। उसी दिन से यह तय हो गया था कि क्वीन का क्राउन कैमिला के सिर सजेगा।

कोहिनूर को लेकर कई मिथक भी फैले हुए हैं। कहते हैं कि यह हीरा अपने साथ बुरा नसीब लेकर आता है। अगर कोई पुरुष इसे पहन ले तो उसका सब कुछ बर्बाद हो जात है। महाराजा रणजीत सिंह ने इसे पहना तो उनका साम्राज्य नष्ट हो गया। जिस अंग्रेजी हुकूमत में कभी सूर्यास्त नहीं होता था, वहां यह हीरा पहुंचने के बाद ब्रिटिश साम्राज्य घटता चला गया।

कोहिनूर का इतिहास ज्यादातर अनुमान पर गढ़ा गया है। माना जाता है कि सिख राजा रणजीत ने इसे ब्रिटिशर्स को तोहफे में दिया था, लेकिन इतिहासकार बताते हैं कि यह हीरा ब्रिटिशर्स के पास पहुंचने से पहले ही रणजीत सिंह की मौत हो चुकी थी। उन्होंने ये गिफ्ट नहीं किया।

यह भी कहा जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह ने इस हीरे को जबरदस्ती हासिल किया था। जैसे ब्रिटिशर्स कहते हैं कि उन्हें ये गिफ्ट में मिला था। उसी तरह रणजीत का भी दावा था कि हीरा उन्हें अफगानिस्तान के अमीर शाह शुजा दुर्रानी ने गिफ्ट किया।

हालांकि, शाह शुजा ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में लिखा था कि रणजीत सिंह उनके बेटे को टॉर्चर कर रहे थे, इसलिए उन्होंने मजबूरन ये हीरा उन्हें सौंप दिया। इससे पहले ये हीरा अफगानी हमलावर अहमद शाह अब्दाली ने फारस के राजा नादिर शाह से जबरन कब्जाया था।

इसी तरह नादिर शाह ने मुगल किंग मुहम्मद शाह रंगीला से कोहिनूर हासिल किया था। यानी इस हीरे का इतिहास भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान तक फैला है। पिछले कई सालों से कोहिनूर हीरे को लेकर विवाद है। भारत के अलावा पाकिस्तान भी इसपर अपना हक जता चुका है।

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