कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव कम होते ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बुधवार से मामलों की नियमित सुनवाई होगी। इसके साथ ही लोअर कोर्ट में सभी अदालतों में सुनवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। संक्रमण बढ़ने पर हाईकोर्ट में 11 जनवरी से वर्चुअल सुनवाई हो रही थी। अब 36 दिन बाद कोर्ट में ऑफलाइन सुनवाई शुरू हो रही है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल संजय कुमार जायसवाल ने मंगलवार को नई अधिसूचना जारी की है। इसके मुताबिक अब हाईकोर्ट के साथ ही लोअर कोर्ट में भी 11 जनवरी के पूर्व की तरह प्रकरणों की सुनवाई होगी। इस दौरान वकील और पक्षकारों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा। इससे पहले हाईकोर्ट ने पहले 11 जनवरी को आदेश जारी कर 31 जनवरी तक वर्चुअल सुनवाई करने की व्यवस्था बनाई थी। इस दौरान कोर्ट में वकीलों को जरूरी काम से आने की अनुमति थी। इसी तरह निचली अदालतों में भी कोरोना संक्रमण से बचाव करते हुए सुनवाई करने की व्यवस्था करने के आदेश दिए गए थे। 31 जनवरी के बाद रजिस्ट्रार जनरल ने वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था को 15 फरवरी तक बढ़ा दिया था।
कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर को देखते हुए राज्य शासन ने भी पहले शासकीय दफ्तरों में एक तिहाई उपस्थित रहने की व्यवस्था बनाई थी। फिर बाद में उसे 50 फीसदी किया गया और संक्रमण बढ़ने पर वर्क फ्रॉम होम के आदेश दिए गए। मगर अब राज्य शासन ने संक्रमण कम होने के साथ ही शतप्रतिशत उपस्थिति का आदेश कर दिया है।कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने भी संक्रमण का असर कम होने के बाद एक सप्ताह पहले ही स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्व की तरह संचालित करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चे पहुंचने लगे हैं।