यूक्रेन में रूस ने हमला कर दिया है। इसके चलते वहां का एयर स्पेस बंद कर दिया गया, जिससे भारतीय नागरिकों को एयर लिफ्ट करने जा रही एयर इंडिया की स्पेशल फ्लाइट को भी रास्ते से वापस लौटना पड़ा है। हालांकि केंद्र सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए प्लान-B पर काम शुरू कर दिया है।
सरकार ने कहा है कि अपने नागरिकों को निकालने के लिए वैकल्पिक रास्तों पर मंथन किया जा रहा है। सरकार ने तब तक यूक्रेन में मौजूद भारतीय नागरिकों और यहां उनके परिजनों से हौसला बनाए रखने की अपील की है। उधर, कीव में इंडियन एंबेसेडर ने भी लड़ाई के कारण एम्बेसी बंद नहीं किए जाने की घोषणा की है।
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा, सरकार इराक, कुवैत जैसी जगहों से भी भारतीयों को वापस लाई है। विदेश मंत्रालय यूक्रेन से छात्रों सहित लगभग 18,000 भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए कदम उठा रहा है। यूक्रेन में हवाई क्षेत्र बंद है, इसलिए भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए प्लान-B पर काम चल रहा है और वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
मुरलीधरन ने कहा, मैंने यूक्रेन में मलयाली छात्रों से फोन पर बात की है। यूक्रेन के दक्षिणी इलाकों में रहने वाले भारतीय छात्रों ने हमें बताया है कि उन्हें खाना, पानी और बिजली मिल रही है। केंद्र सरकार सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, इसलिए छात्र और अभिभावक घबराएं नहीं।
यूक्रेन में इंडियन एम्बेसेडर ने कहा है कि कीव में इंडियन एम्बेसी बंद नहीं होगी। यह पहले की तरह काम करती रहेगी। हम इस कठिन परिस्थिति का समाधान खोजने के लिए मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। एम्बेसेडर ने कहा, सिचुएशन बेहत तनावपूर्ण और बहुत अनिश्चित है। यह बेहद चिंताजनक है।
इंडियन एम्बेसेडर ने कहा, यूक्रेन में एयर स्पेस बंद है, रेलवे शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ चुका है और सड़कें ध्वस्त हो गई हैं। मैं अपील करता हूं, जो भारतीय नागरिक जहां है, वहीं शांति से रहे और धैर्य के साथ हालात का सामना करे। हम प्रवासी भारतीयों से संपर्क कर रहे हैं और उनसे यूक्रेन में मौजूद भारतीय नागरिकों की मदद करने का आग्रह कर रहे हैं।