यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यहां भयानक अफरातफरी मच गई है। दैनिक भास्कर को यूक्रेन से मिली जानकारी के मुताबिक, यहां की ज्यादातर किराना दुकानों में सामान खत्म हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां लंबी कतारें लगी हैं। लोगों को डर है कि जंग लंबी चलेगी और उनके सामने भुखमरी के हालात पैदा हो जाएंगे। कई जगह ऐसी हैं, जहां जब दुकानों से सामान नहीं मिला तो लोगों ने लूटपाट शुरू कर दी।
चश्मदीदों के मुताबिक, हमले के बाद से ही सड़कों पर पुलिस नहीं है। इसकी वजह से लॉ एंड ऑर्डर की दिक्कत खड़ी हो गई है। एक तरह से यहां बिल्कुल हाहाकार के हालात बन गए हैं। यही वजह है कि लोग बंद दुकानों में भी लूटपाट की कोशिश कर रहे हैं। यहां सरकार के खिलाफ भी काफी गुस्सा है।
देनप्रो में मौजूद रशियन लैंग्वेज की लेक्चरर वेनस्तेसिया ने कहा- हम डर के साए में जी रहे हैं। किसी की जिंदगी का अब कोई भरोसा नहीं है। कई लोगों के घरों में अभी से खाने की कमी है। उन्हें उम्मीद थी कि मामला बातचीत से सुलझ जाएगा। अब रूस ने हमला कर दिया है। हम घर में रहे तो भी मारे जाएंगे और बाहर निकले तो बमों का शिकार बन जाएंगे। दुनिया ने सिर्फ बातें कीं। हमारे साथ कोई नहीं आया।रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन पर हमले की घोषणा के बाद UN में यूक्रेनी एंबेसडर सर्जी किस्लित्सिया भावुक हो गए और उन्होंने दुनिया से अपने देश को बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें बचा लीजिए, रूस हमारे इलाके को बर्बाद करने में लगा है। उन्होंने कहा कि यहां बैठकर शांति की बात कर रहे हैं, उधर रूस हमारे इलाके में सेना भेज रहा है।
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां अलग-अलग शहरों की यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे हजारों भारतीय छात्र जगह-जगह फंस गए हैं। इनमें डर का माहौल है। इनमें से कई छात्र अपने हॉस्टल और घरों के अंदर दुबके हुए हैं। कीव स्टेशन से 15 किलोमीटर पहले ट्रेनें रोक दी गई हैं। इनमें कई छात्र फंसे हैं।
छात्रों का कहना है कि इंडियन एम्बेसी में फोन रिसीव नहीं हो रहे हैं, जिससे उन्हें मदद नहीं मिल पा रही है। हम आपको यूक्रेन में फंसे राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, UP, MP और हिमाचल के छात्रों की लाइव कहानी उन्हीं की जुबानी बता रहे हैं।