भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार निकासी कर रहे हैं। मार्च के अब तक के 4 कारोबारी दिनों में इन्होंने 22 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम निकाली है। पिछले 6 महीने से लगातार यह रुझान बना हुआ है।हालांकि इसके ठीक उलट, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार में खरीदी कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि 2 मार्च को FII ने 4,338 करोड़ रुपए, 3 मार्च को 6,644 करोड़, 4 मार्च को 7,631 करोड़ और 7 मार्च को 7,482 करोड़ रुपए निकाले। इसी दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कुल 17,930 करोड़ रुपए के शेयर्स खरीदे। इसमें से सबसे ज्यादा खरीदी सोमवार यानी 7 मार्च को की गई जो 5,331 करोड़ रुपए था।
2 मार्च को इन निवेशकों ने 3,061, 3 मार्च को 4,779 और 4 मार्च को 4,738 करोड़ रुपए के मूल्य के शेयर्स की खरीदी की। रुझान बताते हैं कि फरवरी महीने में विदेशी निवेशकों ने कुल 22,219 करोड़ रुपए के शेयर्स बेचे जबकि घरेलू निवेशकों ने इसी दौरान 42,084 करोड़ रुपए के शेयर्स खरीदे।जनवरी में FII ने 33,303 करोड़ रुपए के शेयर्स बेचे जबकि घरेलू निवेशकों ने 21,928 करोड़ मूल्य के स्टॉक खरीदे। दिसंबर 2021 में FII ने 19,026, नवंबर में 5,945 और अक्टूबर में 13,550 करोड़ रुपए के शेयर्स बेचे। इस तरह से पिछले 5 महीने में इन्होंने कुल शुद्ध रूप से 1.10 लाख करोड़ रुपए के शेयर्स बेचे हैं। अगर मार्च के 4 दिनों के आंकड़ों को जोड़ दें तो कुल बिकवाली 1.30 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की हो गई है।घरेलू निवेशक मार्च 2021 से अब तक एक साल की अवधि में हर महीने शेयर्स खरीदे हैं। अक्टूबर से अब तक इन्होंने 1.30 लाख करोड़ रुपए के शेयर्स खरीदे हैं। जबकि मार्च के 4 दिन के आंकड़े को मिला दें तो यह रकम 1.48 लाख करोड़ रुपए हो जाती है। FII की छठे महीने की बिक्री अब तक एक महीने में हुई सबसे बड़ी बिकवाली साबित हो रही है।
मार्च 2020 में COVID महामारी के भारत में पहुंचने के बाद से फरवरी 2022 में FII ने सबसे ज्यादा बिकवाली की है। इस महीने खत्म होने वाले चालू वित्त वर्ष में FIIs ने 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। इसके पहले 19 अक्टूबर, 2021 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 62,245 के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचा था। अब यह वहां से 15% टूटकर 53 हजार के नीचे आ गया है।आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर तक भारतीय शेयर बाजार में FII निवेश का इक्विटी वैल्यू 51.51 लाख करोड़ रुपए था, जो फरवरी अंत में घटकर 47.28 लाख करोड़ रुपए रह गया। इनका सबसे ज्यादा निवेश टोटल फाइनेंशियल सर्विसेस में है जो 14.33 लाख करोड़ रुपए है। इसके बाद बैंक सेक्टर में 8.55, अन्य फाइनेंशियल सर्विसेस में 5.77, ऑयल एंड गैस में 4.99 और सॉफ्टवेयर सर्विसेस में 6.69 लाख करोड़ रुपए निवेश का वैल्यू है।विदेशी निवेशकों के शेयर्स बेचने के कई कारण हैं। जहां ईंधन की कीमतें ऊपर जाने से महंगाई बढ़ेगी वहीं शेयर बाजारों में गिरावट आएगी। इसी तरह भारतीय बाजार रिकॉर्ड ऊपरी लेवल से टूट गए हैं। दूसरा यूक्रेन और रूस की वजह से अस्थिरता है। तीसरा अमेरिकी बाजार में ब्याज दरें ऊपर जाएंगी, जिससे वहां इनको ज्यादा ब्याज मिलेगा। चौथा, अब ये निवेशक एक सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं क्योंकि 2020 मार्च के बाद से इन्होंने भारतीय बाजार में अच्छा खासा मुनाफा कमा लिया है।