एपल ने यूक्रेन और रूस जंग के बीच रूस के मार्केट में अपने प्रोडक्ट बेचने से मना कर दिया। जिसकी वजह से आईफोन के सेल्स रेवेन्यू में हर दिन कम से कम 3 मिलियन (करीब 24 करोड़ रुपए) और सालाना 1.14 बिलियन डॉलर (करीब 8769 करोड़ रुपए) का नुकसान हो सकता है। लिथुआनिया स्थित ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल बर्गा के अनुमानों के मुताबिक, यह अमाउंट एपल का रूसी बाजार में हासिल हिस्सेदारी और कंपनी के 2021 तक बिक्री से रेवेन्यू पर आधारित है।एपल का रूस पर बिकने वाले स्मार्टफोन की बिक्री का 15% हिस्सा है, जो ओवरऑल बिक्री के तीसरे स्थान पर है। दक्षिण कोरिया का सैमसंग 34% के साथ टॉप पर है और शाओमी 26% के साथ तीसरे स्थान पर है। बर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक रियलमी की हिस्सेदारी 8% है, इसके बाद पोको की 3% हिस्सेदारी है, जबकि दूसरे छोटे ब्रांडों की हिस्सेदारी 14% है। 2021 तक, रूस की स्मार्टफोन की बिक्री 730 बिलियन (करीब 57 लाख करोड़ रुपए) थी। पिछले कुछ सालों में रूस की सामान्य स्मार्टफोन सेल्स रेवेन्यू में लगातार ग्रोथ को देखते हुए एपल का रेवेन्यू ज्यादा हो सकता है।2020 तक इसका रेवेन्यू 5.93 बिलियन डॉलर था, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 5.2 बिलियन डॉलर था। कुल मिलाकर, 2014 और 2021 के बीच, यह आंकड़ा लगभग 200% बढ़ गया है। रूस पर एपल के फैसले के बाद, इस कदम ने सैमसंग जैसे अन्य ब्रांड्स पर दबाव डाला है जिन्होंने देश में प्रोडक्ट्स की शिपिंग बंद कर दी है।