रूस का यूक्रेन पर हमला आज 19वें दिन भी जारी है। इसी बीच खबरें आ रही हैं कि यूक्रेन पर हमला जारी रखने के लिए रूस अब चीन से मदद मांग रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट ने रविवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया है। चीन ने अमेरिका के इन आरोपों को खारिज कर दिया है।अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने बताया कि रूस ने चीन से वॉर इक्यूपमेंट मांगे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से आर्थिक सहयोग भी मांगा है। ब्लूमबर्ग ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि अब रूसी सेना ‘फॉग ऑफ वॉर’ की स्थिति में है, यही वजह है कि उसे चीन से मदद मांगनी पड़ी। रूस ने चीन से सैन्य मदद ऐसे समय में मांगी है जब अमेरिका ने उसे धमकी दी है। अमेरिका ने चीन को लेकर सख्त रुख अख्तियार करते हुए रूस की मदद न करने की सलाह दी है।
अमेरिका ने कहा अगर चीन, रूस पर पश्चिमी देशों की ओर से लगाए प्रतिबंधों का असर खत्म करने में मदद की, तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बता दें कि सोमवार को जेक सुलिवान ने रोम में चीन के शीर्ष राजनयिक यांग जिएची से मुलाकात करेंगे।फॉग ऑफ वॉर युद्ध की ऐसी स्थिति होती है, जब सेना के लीडर के पास आगे की रणनीति नहीं होती। ऐसे में कई बार सेना कमजोर पड़ जाती है और सही समय पर उचित निर्णय न लेने पर उसे हार का सामना भी करना पड़ सकता है।यूक्रेन पर रूस के हमले की दुनियाभर में आलोचना हो रही है। वहीं अमेरिका समेत कई बड़े देशों ने रूस के बैंको पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इतना ही नहीं कई बड़ी कंपनियों ने भी रूस में अपनी सेवा रोक दी है। जानकारों का कहना है कि वित्तीय प्रतिबंध लगने के बाद से रूस आर्थिक तौर पर कमजोर हो रहा है। यही वजह है कि उसे यूक्रेन का मुकाबला करने के लिए अब चीन की शरण में जाना पड़ा।