पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के बयानों पर विवाद जारी है। गुरुवार को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बयान को अपमानजनक बताते हुए सिब्बल को पार्टी से निकालने की मांग उठा दी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस की कमजोरी की वजह यही सहिष्णुता है।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए हमले की शुरुआत की। कपिल सिब्बल का बयान साझा करते हुए उन्होंने लिखा, कपिल सिब्बल का हर तरह से अपमानजनक बयान! इस कार्यप्रणाली सुधार में लिए जा रहे कड़े फैसलों के बीच, कपिल सिब्बल को CWC के संयुक्त निर्णय के खिलाफ अपनी व्यक्तिगत और अप्रिय राय को सार्वजनिक करने के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए। बाद में दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा, मेरी निजी राय है कि ऐसे लोगों को पार्टी से निकाल देना चाहिए। उन्हें अपनी पार्टी बनानी चाहिए। अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं है। सिंहदेव ने कहा, मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी की कमजोरी का कारण यह सहिष्णुता भी है। यह कोई तरीका नहीं है कि कोई सार्वजनिक रूप से अध्यक्ष का इस्तीफा मांगे।टीएस सिंहदेव ने कहा, हमारा तो छत्तीसगढ़ में बेहतर अनुभव रहा है। अजीत जोगी को पार्टी से निकाले जाने के तुरंत बाद पार्टी भारी बहुमत से सत्ता में लौटी। वे जब तक रहे तब तक लोगों में यही धारणा रही कि ये लोग तो आपस में ही लड़ते रहते हैं। ऐसे लोगों को छोड़कर जाने का मौका नहीं देना चाहिए। इससे कमजोरी दिखेगी। ऐसे लोगों को निकाल देना चाहिए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कपिल सिब्बल के बयान की आलोचना कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले कहा, जो लड़े नहीं, वे लड़ाई के नियम बता रहे हैं। युद्ध के बीच जो दुबके हुए हैं घरों में, वे शहादत की महत्ता बता रहे हैं। जो कटे रहे जड़ों से, वे वटवृक्षों को उगना सिखा रहे हैं। कांग्रेस का सच्चा सिपाही वही है जो इस वक्त विलाप करने की बजाय युद्धरत है।