बिलासपुर नगर निगम ने साल 2022-23 के लिए 9 अरब 43 करोड़ 46 लाख 6 हजार का बजट पेश किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है। बजट पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा करीब 60 करोड़ रुपए अधिक है। कोरोना त्रासदी के चलते नगर निगम ने इस बार भी बजट में कोई एक्सटा टैक्स नहीं लिया है और न ही टैक्स में बढ़ोतरी की है। वहीं, नए वार्डवासियों को टैक्स में राहत देते हुए 15 फीसदी छूट देने का प्रावधान किया है। हालांकि, इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। वित्तीय वर्ष 2021-22 में निगम ने 8 अरब 19 करोड़ 41 लाख 72 हजार का बजट पेश किया था।सामान्य सभा और बजट बैठक में गुरुवार को पूरे दिन हंगामे की स्थिति बनी रही। इस दौरान ज्यादातर कांग्रेसी पार्षद और एल्डरमेन विपक्ष की भूमिका में नजर आए और अपनी ही शहर सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बैठक में सभापति शेख नजीरुद्दीन बार-बार उन्हें समझाइश देते रहे। फिर भी बात नहीं बनी। महापौर रामशरण यादव और पार्षद रामा बघेल के बीच तीखी बहस हो गई और नाराज होकर महापौर को सदन छोड़कर जाना पड़ गया। इसके चलते लंच के समय सभा को स्थगित करना पड़ा। सभापति ने पार्षद बघेल को एक घंटे के लिए निलंबित कर दिया। वहीं, पार्षद शहजादी कुरैशी और सभापति के बीच नोंकझोंक शुरू हो गई। तब नाराज होकर महिला पार्षद ने अपने ही सरकार में पार्षदों की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। दरअसल, करीब सात माह बाद हुई सामान्य सभा की बैठक हंगामेदार रहा और पूरा दिन प्रश्नकाल में गुजर गया दिन भर चली सामान्य सभा के बाद महापौर रामशरण यादव ने महज 18 मिनट में बजट अभिभाषण पेश किया और बिना चर्चा के बिना चर्चा के बजट पास हो गया। निगम की बजट में पुरानी योजनाओं को पूरा करने केंद्र और राज्य शासन की बजट पर निर्भरता जताई गई है। इसके साथ ही निगम की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
केन्द्र प्रवर्तित योजना, पूर्व से संचालित भूमिगत मल निकास योजना, अमृत मिशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3570 मकान के साथ ही 3432 आवास के कार्य को इस वित्तीय वर्ष में पूर्ण करने का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही योजना में 15 वें वित्त आयोग की राशि 5054.90 लाख के तहत नालों का निर्माण, सड़कों का निर्माण, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं पेयजल व्यवस्था का प्रावधान शहर विकास के लिए किया गया है।नगर निगम के विस्तार के बाद जनप्रतिनिधियों की संख्या में वृद्धि होने के कारण सामान्य सभा की बैठक के लिए टाउन हाल के पीछे एक सर्व सुविधायुक्त सभागृह का निर्माण कार्य की आवश्यकता है। प्रथम चरण में कार्य के लिए राज्य शासन से अनुदान प्राप्त कर तीन अरब 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके लिए नगर निगम के पास भूमि उपलब्ध है। इसी प्रकार महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए निगम की ओर से रोजगारन्मुखी प्रशिक्षण केन्द्र बनाने की योजना है। इसके लिए अनुदान लेकर प्रशिक्षण केन्द्र बनाने का प्रावधान किया गया है। इसमें महिलाओं को सिलाई कढ़ाई, मेंहदी एवं अन्य रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उनके रूचि अनुसार दी जाएगी। इसके लिए 20 लाख रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके साथ ही राजकिशोर नगर में सिर्फ महिलाओं के लिए उद्यान निर्माण के लिए 50 लाख का प्रावधान प्रस्तावित है।