प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल गुरुवार शाम भिलाई के इंडस्ट्रियल क्षेत्र हथखोज पहुंचे। उन्होंने यहां हथखोज में नवनिर्मित रेल इंडस्ट्रियल पार्क और भारी एवं हल्का ओद्योगिक क्षेत्र भिलाई में निर्मित अधोसंरचनाओं के लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग परिदृश्य को बेहतर करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने अब तक 167 एमओयू किए हैं। इन के माध्यम से 78 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश में प्रस्तावित है। 167 में से 90 इकाइयों को लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब ओद्योगिक क्षेत्र बनते थे तब मौलिक सुविधाओं का अभाव होता था। इसके लिए काफी प्रयास करना पड़ता था। आज रेलपार्क की अधोसंरचना देखी। सारी सुविधा यहां मौजूद है। यहां जल्द ही यूनिट्स लग जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न उद्योगों के माध्यम से प्रदेश में 19550 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इसके माध्यम से 33 हजार लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य कृषि प्रधान राज्य है और इसकी संभावनाओं को देखते हुए हमने फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर विशेष जोर दिया है। खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में 478 इकाइयों के माध्यम से 1167 करोड रुपए का निवेश किया गया है। इससे 6 हजार लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल इंडस्ट्रियल पार्क लगने के पश्चात यहां पर औद्योगिक गतिविधियों का तेजी से विस्तार होगा। प्रदेश में उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए अधोसंरचना के क्षेत्र में और नीतियों के क्षेत्र में हर संभव सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। इस पर लगातार कार्य किया जा रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, भिलाई चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे, संभागायुक्त महादेव कांवड़े, आईजी बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, सीएसआईडीसी के एमडी अरुण प्रसाद सहित अन्य अधिकारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।रेल पार्क के बारे में प्रमुख सचिव उद्योग मनोज पिंगुवा ने बताया कि रेल पार्क में 22 भूखंड हैं। इसमें अधोसंरचना की पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फ़ूड पार्कों की स्थापना की दिशा में उद्योग विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। इससे कृषि प्रधान हमारे राज्य का तेजी से आर्थिक विकास हो सकेगा। रेल पार्क में 8 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने का लाभ रेलवे के लिए उपकरण तैयार करने वाली यूनिटों को होगा। एक ही जगह पर अधोसंरचना उपलब्ध होने का लाभ उद्यमियों को होगा तथा रेलवे के लिए भी रेल पार्क बन जाने से आसानी होगी।