रूस-यूक्रेन युद्ध को आज 65 दिन हो चुके हैं। रूसी हमले की वजह से यूक्रेन का इन्फ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह से तबाह हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन की मदद के लिए अमेरिकी कांग्रेस के सामने 33 अरब डॉलर का प्रस्ताव रखा है। इस रकम में से 20 अरब डॉलर सैन्य सहायता के लिए और 8.5 अरब डॉलर यूक्रेनी सरकार के लिए और बाकी के 3 अरब डॉलर लोगों की मदद के लिए दी जा सकती है।
दूसरी तरफ यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस बीते दिन यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। यहां उन्होंने शहर के अलग अलग हिस्सों का दौरा किया और युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। यूएन चीफ के कीव दौरा के दौरान ही शहर पर रूसी हमले शुरू हो गए। शहर के मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन ने बताया कि बीते दिन रूसी सेना ने शहर पर 3 मिसाइल दागी। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई।
नीदरलैंड ने शुक्रवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में फिर से ऐंबैसी खोलने का फैसला किया है। करीब 2 महीने पहले हुए रूसी हमले के बाद 20 फरवरी को इसे बंद कर दिया गया था। 16 अप्रैल से यह ऐंबैसी पश्चिमी यूक्रेन के लीव शहर से संचालित हो रही थी। नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ऐंबैसी में सीमित संख्या में ही लोग काम करेंगे।
डच विदेश मंत्री वोपके होकेस्ट्रा ने कहा- यूक्रेन के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं और हम उनका समर्थन करते हैं। नीदरलैंड यूक्रेन को सैन्य सहायता देना जारी रखेगा।
यूक्रेन युद्ध की आंच अब यूक्रेन के पड़ोसी देशों तक भी पहुंचने लगी है। बुल्गारिया और इजराइल ने बीते दिन अपने नागरिकों को मोल्दोवा और ट्रांसनिस्ट्रिया छोड़ने की एडवाइजरी जारी की है। इससे पहले अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस और कनाडा ने भी अपने नागरिकों को मोल्दोवा छोड़ने के लिए कहा था।ब्लैक सी में पिछले दिनों यूक्रेनी हमले में अपना जंगी पोत मॉस्कवा गंवाने के बाद रूस ने नया पैंतरा चला है। काले सागर पर स्थित क्रीमिया तट के स्वास्तोपोल में रूस ने मिलिट्री डॉल्फिन की दो बटालियन तैनात की हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर बताया ये यूक्रेन की ओर अंडरवॉटर अटैक से बचने के लिए किया गया है।