देश के सबसे बड़े मॉर्गेज लेंडर हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (HDFC) लिमिटेड ने सोमवार को चौथी तिमाही (जनवरी 2022-मार्च 2022) के नतीजे घोषित किए। इस तिमाही में HDFC ने 16% की बढ़ोतरी के साथ 3,700 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल की इसी अवधि में यह 3,180 करोड़ था। पिछले महीने, HDFC बैंक और HDFC ने मर्जर की भी घोषणा की थी।HDFC के नतीजे बाजार अनुमानों से थोड़ा बेहतर रहे हैं। इस कारण कंपनी का शेयर 1.31% बढ़कर 2,259.00 रुपए पर बंद हुआ। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने FY22 के लिए 30 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है। पिछले साल कंपनी ने 23 रुपए का डिविडेंड घोषित किया था। बोर्ड ने रेणु सूद को 2 साल के लिए या जब तक कंपनी का HDFC बैंक में विलय नहीं हो जाता, तब तक MD के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी है।
मार्च 2022 को खत्म वित्त वर्ष के दौरान डिसबर्समेंट में पिछले साल की तुलना में 37% की बढ़ोतरी हुई है। इंडिविजुअल लोन एवरेज साइज 33 लाख रुपए रहा। पिछले साल यह 29.5 लाख रुपए था। वहीं मार्च तिमाही में ये 34.7 लाख रुपए रहा। HDFC ने कहा कि होम लोन की डिमांड और लोन एप्लीकेशन्स की उसकी पाइपलाइन स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। 91% नए लोन एप्लीकेशन डिजिटल चैनलों के माध्यम से मिले हैं।HDFC ने मार्च में हाईएस्ट मंथली इंडिविजुअल डिसबर्समेंट भी दर्ज किया था। ऐसे में रिजल्ट से पहले एक बिजनेस पोर्टल को दिए इंटरव्यू में HDFC के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा ‘मैंने HDFC के साथ अपने 44 सालों में इतनी ज्यादा हाउसिंग डिमांड को नहीं देखी। पारेख ने यह भी कहा कि फरवरी और मार्च में एप्लीकेशन की संख्या काफी ज्यादा रही है। इससे पहले कभी भी हमने इतनी एप्लीकेशन रिसीव नहीं की थी।