चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का भारतीय किसान यूनियन यानी BKU उनकी पुण्यतिथि पर ही दो धड़ों में बंट गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत अलग-थलग पड़ गए हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में नई भाकियू (अराजनैतिक) बनाई गई है। खुद राजेश सिंह चौहान इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेश टिकैत और राकेश टिकैत राजनीति करने वाले लोग हैं। विधानसभा चुनाव में एक दल का प्रचार करने के लिए कहा गया था।
इसके बाद मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘हमने मनाने की कोशिश की थी। मैं लखनऊ भी गया था। वे (राजेश सिंह) मान भी गए थे, फिर भी चले गए। लगता है कि ज्यादा प्रेशर था। सरकार अपनी मंशा में कामयाब हो गई। ये सबकुछ सरकार के इशारे पर हुआ है। कुछ लोगों के जाने से संगठन पर असर नहीं पड़ेगा।
पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि राकेश टिकैत को BKU से निकाल दिया गया है और उनके भाई नरेश टिकैत को अध्यक्ष पद से हटाया है। बाद में राजेश सिंह चौहान ने नया संगठन बनाने की ऑफिशियल जानकारी देकर इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया।
बता दें कि 2 दिनों तक राकेश टिकैत लखनऊ में रहकर डैमेज कंट्रोल में जुटे थे, लेकिन वह सफल नहीं हुए। टिकैत का साथ छोड़ने वाले किसान नेता इस बात से खफा हैं कि यह संगठन अब किसानों के मुद्दों को छोड़कर राजनीति की तरफ जा रहा है।