माणिक साहा त्रिपुरा के नए सीएम बन गए हैं। राज्यपाल सत्यदेव नारायण राय ने उन्हें राजभवन में शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व सीएम बिप्लब देब सहित कई नेता शामिल हुए। शनिवार को बिप्लब देब के इस्तीफे के बाद साहा को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर एक बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया था।शपथ ग्रहण के बाद सीएम माणिक साहा ने कहा कि BJP और PM मोदी के जो विकास के मुद्दे हैं उन्हें लेकर आगे बढ़ेंगे। कानून व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। त्रिपुरा वासियों की समस्याओं का सब के साथ बात करके समाधान करेंगे। साहा त्रिपुरा बीजेपी के अध्यक्ष हैं और राज्यसभा सांसद भी हैं। वह 2016 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्हें 2020 में पार्टी प्रमुख बनाया गया और इस साल मार्च में राज्यसभा के लिए चुने गए।बिप्लब देब ने शनिवार शाम इस्तीफे के तुरंत बाद मीडिया के सामने आए और कहा, ‘पार्टी सर्वोपरि है और मैं एक निष्ठावान कार्यकर्ता हूं। हाईकमान ने मुझ पर भरोसा जताया था और अब इस्तीफा देने के लिए कहा है इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया। इस बारे में मैंने पीएम मोदी और अमित शाह से बात कर ली है। उन्होंने कहा कि अभी चुनाव में देरी है। अब मैं पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करूंगा।’
बिप्लब बन सकते हैं त्रिपुरा BJP अध्यक्ष सूत्रों का कहना है कि बिप्लब त्रिपुरा BJP अध्यक्ष बन सकते हैं। बिप्लब देब ने इस्तीफा देने से एक दिन पहले ही गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान अमित शाह ने यह साफ कर दिया था कि वे चुनाव में नए चेहरे के साथ उतरना चाहते हैं।
त्रिपुरा में फरवरी 2023 में चुनाव होने हैं। नए मुख्यमंत्री 2023 चुनाव की तैयारियों के लिहाज से ही चुना गया है। पार्टी इस बार पिछले बार के लोकप्रिय नारे ‘चलो पलटाईं’ से किनारा करते हुए विकास के कामों पर जनता के बीच जाने की योजना बना रही है।