CBI ने मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के 10 ठिकानों पर छापा मारा है। इस दौरान CBI ने कार्ति के खिलाफ नया मामला दर्ज किया गया है। उन पर 263 चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाने के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है।अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई को आईएनएक्स मीडिया मामले में लेन-देन की जांच के दौरान इसकी जानकारी मिली। बता दें कि वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कथित तौर पर नियमों की अनदेखी कर चीनी नागरिकों को वीजा दिलाने में मदद की। पंजाब में स्थित तलवंडी साबो पावर लिमिटेड प्रोजेक्ट चल रहा था, जिसके लिए चीनी मजदूरों को वीजा दिलाया गया था।
एक प्राईवेट कंपनी पंजाब के मनसा में 1980 मेगावॉट का थर्मल पावर प्लांट लगा रही थी। इसका जिम्मा चीन की एक कंपनी को दिया गया था। आरोप है कि यह प्रोजेक्ट लेट हो रहा था। आरोप है कि काम को तेजी से कराने के लिए चीनी प्रोफेशनल्स को मनसा लाया गया। इनके लिए वीजा का इंतजाम चेन्नई के एक शख्स ने अपने कुछ साथियों की मदद से किया। इसमें नियमों की अनदेखी हुई। कुल 263 प्रोजेक्ट वीजा जारी किए गए। इतना ही नहीं होम मिनिस्ट्री को इस प्राईवेट कंपनी ने एक लेटर लिखा और इन तमाम वीजा होल्डर्स को फिर से वीजा जारी करने की गुजारिश की। इसकी मंजूरी भी एक महीने में मिल गई। आरोप है कि चेन्नई के एक व्यक्ति ने अपने सहयोगियों की मदद से 50 लाख रुपए रिश्वत मांगी।CBI ने मामले में 5 आरोपियों पर केस दर्ज किया है। इनमें पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम, चेन्नई स्थित करीबी सहयोगी एस. भास्कररमन, पंजाब की निजी कंपनी के विकास मखरिया, मैसर्स तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, मानसा (पंजाब), मेसर्स बेल टूल्स लिमिटेड, मुंबई (महाराष्ट्र) शामिल हैं। इसके अलावा एक सरकारी अधिकारी और एक निजी कर्मचारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसी ने इनके नाम नहीं बताए हैं।CBI तमिलनाडु में तीन, मुंबई में तीन, पंजाब में एक, कर्नाटक में एक और ओडिशा में एक सहित नौ स्थानों पर तलाशी ले रही है। इसमें ऑफिस और घर शामिल हैं। दिल्ली में पी चिदंबरम के घर का गेट बंद होने के कारण CBI के अधिकारी गेट फांद कर अंदर घुसे। सूत्रों के मुताबिक, कार्ति चिदंबरम के खिलाफ कथित विदेशी निवेश को लेकर CBI ने यह कार्रवाई की है। छापेमारी सुबह आठ बजे शुरू हुई।
मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा ये मामला साल 2007 का है और INX मीडिया कंपनी से जुड़ा है। इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी थे। इस मामले में ये दोनों भी आरोपी हैं। आरोपों के मुताबिक पी. चिदंबरम ने उस वक्त वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर INX मीडिया हाउस को 305 करोड़ रु. का फंड लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) से मंजूरी दिलाई थी।