रूस-यूक्रेन जंग:

रूस-यूक्रेन जंग:

यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी हमले कम हो गए हैं। कई देशों की एम्बेसी ने फिर काम करना शुरू कर दिया है। कीव में आज से भारतीय एम्बेसी भी काम करना शुरू कर देगी। इसे लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास, जो अस्थायी रूप से वारसॉ (पोलैंड) से चल रहा था, 17 मई से कीव में अपना संचालन फिर शुरू करेगा।

दूसरी तरफ तुर्की ने नाटो में स्वीडन और फिनलैंड की मेंबरशिप पर रोड़ा अटका दिया है। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन का कहना है कि अगर स्वीडन और फिनलैंड तुर्की पर प्रतिबंध लगाते हैं तो वो भी नाटो में उनकी एंट्री को मंजूरी नहीं देंगे।

अंकारा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि स्वीडिश और फिनिश डिप्लोमैट्स को हमें मनाने के लिए तुर्की आने की जहमत नहीं उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वीडन आतंकवादी संगठनों के लिए एक घोंसला है।यूक्रेन के लिए मारियुपोल के अजोवस्टल स्टील प्लांट से राहत भरी खबर आई है। सोमवार रात यहां यूक्रेन और रूसी सेना के बीच चल रही लड़ाई खत्म हो गई है। इस स्टील प्लांट में फंसे 260 सैनिकों को निकाल लिया गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इन सभी सैनिकों की हौसला अफजाई की है।

स्वीडन ने सोमवार को औपचारिक रूप से नाटो सदस्यता लेने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उसने अपनी 200 साल पुरानी गुटनिरपेक्षता की नीति को छोड़ दिया है। स्टॉकहोम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन ने कहा कि यूक्रेन पर रूसी हमले ने यूरोप में सुरक्षा चिंताओं को बदल कर रख दिया है।रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने इशारा किया है कि उन्हें फिनलैंड और स्वीडन के नाटो में शामिल होने से कोई खास दिक्कत नहीं है। सोमवार को उन्होंने कहा कि नाटो विस्तार से रूस के लिए कोई सीधा खतरा नहीं है। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि अगर इस इलाके में मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट किया जाता है तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।यूक्रेन अपने नागरिकों की जान बचाने के लिए 8 सीक्रेट ट्रेन चला रहा है। बाहर से नीले और पीले रंग की ये ट्रेन सोवियत काल की दर्जनों ट्रेनों में से हैं। ये ट्रेनें यूक्रेन के युद्ध-ग्रस्त क्षेत्रों से लाखों शरणार्थियों और घायल जवानों को लाने-ले जाने में मदद कर रही हैं। पिछले महीने चलने के बाद से इस ट्रेन के जरिए लगभग 400 लोगों को बचाया गया है। हरेक यात्री को फ्रंटलाइन के नजदीक अस्पतालों में एक बेड दिया गया है।

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